Harmanpreet Kaur Tattoo: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने 2 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रच दिया था, जब टीम ने अपना पहला विश्व कप खिताब जीता। भारतीय टीम के खिलाड़ियों और देशवासियों के लिए 2 नवंबर का दिन उस सपने को जीने जैसा था, जिसे वे वर्षों से संजोए हुए थे। इस जीत का रोमांच अभी भी खिलाड़ियों के सिर चढ़कर बोल रहा है, और टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तो इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हमेशा के लिए अपने साथ रखने का फैसला कर लिया है। उन्होंने अपनी बांह पर विश्व कप ट्रॉफी का टैटू ही बनवा लिया है।
हरमनप्रीत कौर (फोटो- Instagram/icc)
टैटू में कैद जीत की पूरी कहानी: '2025' और '52' का महत्व
हरमनप्रीत कौर ने अपनी बांह पर न केवल विश्व कप ट्रॉफी की छवि गुदवाई है, बल्कि इसके साथ ही '2025' और '52' जैसे खास अंक भी शामिल किए हैं। ये अंक जीत के महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाते हैं: '2025' उस वर्ष को दर्शाता है जब यह ऐतिहासिक जीत हासिल हुई, और '52' इस बात की याद दिलाता है कि फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों के अंतर से करारी शिकस्त दी थी।
भारतीय कप्तान ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर नए टैटू की तस्वीर साझा करते हुए अपने गहरे लगाव को व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "यह ट्रॉफी हमेशा के लिए मेरी त्वचा और दिल में बस गई है। पहले दिन से तुम्हारा इंतजार कर रही थी और अब मैं तुम्हें हर सुबह देखूंगी और आभारी रहूंगी।"
"सपना देखना कभी मत छोड़ना"- हरमनप्रीत कौर
विश्व चैंपियन बनने के बाद भारतीय कप्तान ने देश के युवाओं और नई पीढ़ी के क्रिकेटरों को सपने देखते रहने का मूलमंत्र भी दिया। बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में हरमनप्रीत कौर ने बेहद भावुक होकर कहा था, "युवाओं को सपना देखना कभी नहीं छोड़ना चाहिए। आपको नहीं पता आप कब कहां पहुंच जाएंगे। मैंने बचपन में भारतीय जर्सी पहनने और विश्व कप जीतने का सपना देखा था, जो अब सच हो गया है।" उनका यह संदेश महत्वाकांक्षा, जुनून और लक्ष्य प्राप्ति के महत्व को रेखांकित करता है।
विश्व पटल पर भारत ने बनाया अपना स्थान
इस जीत के साथ, भारतीय महिला टीम विश्व कप जीतने वाली दुनिया की चौथी टीम बन गई है। 1973 से लेकर 2022 के बीच हुए 12 वनडे विश्व कप संस्करणों में अब तक केवल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ही विजेता रहे थे। ऑस्ट्रेलिया ने 7 बार, इंग्लैंड ने 4 बार और न्यूजीलैंड ने 1 बार खिताब जीता था। अब इस विशिष्ट सूची में भारतीय टीम का नाम भी शामिल हो गया है, जो देश में महिला क्रिकेट के लिए एक नया और स्वर्णिम युग लेकर आया है।
