Womens World cup 2025 Win: भारतीय क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर डायना एडुल्जी ने हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली महिला टीम के विश्व कप जीतने पर गहरा गर्व व्यक्त किया है। एडुल्जी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को भारतीय क्रिकेट के लिए एक यादगार दिन बताया और कहा कि वह खुद को एक महिला क्रिकेटर होने पर गौरवान्वित महसूस करती हैं।
विजेता भारतीय टीम (फोटो- BCCI)
लंबा संघर्ष हुआ सफल
डायना एडुल्जी ने इस जीत को पिछले 50 वर्षों की मेहनत का फल बताया। उन्होंने कहा, "यह एक यादगार दिन है। मैं बहुत खुश हूं। एक महिला क्रिकेटर होने पर गर्व महसूस करती हूं। मुझे बहुत गर्व है कि लड़कियों ने यह विश्व कप जीता है। वे सभी प्रशंसा की हकदार हैं, उन्होंने शानदार क्रिकेट खेला। इस मुकाबले में भी, उन्होंने एक सच्ची चैंपियन टीम की तरह खेला।"
उन्होंने टीम के जुनून को समझते हुए 2017 विश्व कप की अपनी यादें ताजा कीं, जब भारत फाइनल में चूक गया था। एडुल्जी ने कहा, "आप समझ सकते हैं कि वे इस जीत के लिए कितनी भूखी थीं। 2017 से, हम लक्ष्य हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। मुझे उस समय सीओए सदस्य के रूप में अपने दिन याद हैं, जब हम इंग्लैंड में थे और आठ रनों से चूक गए थे। अब मैं बहुत खुश हूं। यह एक लंबी, लेकिन फलदायी यात्रा है।"
शेफाली और ऋचा को विशेष बधाई
एडुल्जी ने विशेष रूप से युवा खिलाड़ियों शेफाली वर्मा और ऋचा घोष को बधाई दी, जिन्होंने एक ही साल में अंडर-19 विश्व कप और सीनियर विश्व कप दोनों जीते। उन्होंने कहा, "मैं शेफाली और ऋचा को बधाई देना चाहूंगी, क्योंकि उन्होंने अंडर-19 विश्व कप और सीनियर वर्ग भी जीता। यह बहुत गर्व का क्षण है।"
दिग्गज क्रिकेटर ने नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में दर्शकों के उत्साहपूर्ण समर्थन की भी सराहना की और कहा कि टीम के प्रति उनके निरंतर समर्पण के लिए उन्हें यह जीत एक उचित उपहार है।
फाइनल मुकाबले का प्रदर्शन
रविवार को खेले गए फाइनल मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शेफाली वर्मा (87) और दीप्ति शर्मा (58) की शानदार पारियों की बदौलत 7 विकेट खोकर 298 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में, दक्षिण अफ्रीकी टीम 45.3 ओवरों में महज 246 रन पर ही सिमट गई। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने गेंद से कमाल करते हुए 39 रन देकर 5 विकेट हासिल किए।
इस जीत के साथ, भारत महिला वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाला चौथा देश बन गया है। इससे पहले, यह खिताब केवल ऑस्ट्रेलिया (7 बार), इंग्लैंड (4 बार) और न्यूजीलैंड की टीमें ही जीत पाई थीं।
