Why Rajat Patidar appointed as RCB Captain: इंडियन प्रीमियर लीग 2025 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दरअसल टीम ने अगले सीजन के लिए नए कप्तान का ऐलान कर दिया है। आरसीबी की कमान इस साल किसे मिलेगी इसे लेकर चर्चाओं का बाजार लगातार जारी था। कई एक्सपर्ट्स का मानना था कि विराट कोहली को कप्तान बनाया जाना चाहिए लेकिन टीम ने सभी को चौंकाते हुए रजत पाटीदार को कप्तान बनाने का फैसला किया है। इसे लेकर एक तरफ जहां कई फैंस खुश हैं वहीं कई का मानना है कि कोहली को ही कप्तान बनाया जाना चाहिए था। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिरकार रजत पाटीदार को कप्तान क्यों बनाया गया है।
रजत पाटीदार विराट कोहली (फोटो- BCCI/IPL)
आईपीएल 2021 में आरसीबी में शामिल हुए रजत पाटीदार ने उस सीजन केवल सिर्फ़ चार मैच खेले और 71 रन बनाए। इसके बाद वे 2022 में चोटिल लवनीथ सिसोदिया की जगह 20 लाख रुपये में फ्रैंचाइज़ में शामिल हुए और 333 रन बनाए, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 112 रन रहा। उनकी यह पारी कोलकाता के ईडन गार्डन्स में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ़ एलिमिनेटर में आई थी। दाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने चोट के कारण 2023 सीज़न मिस कर दिया। पिछले सीज़न में पाटीदार ने 30.38 की औसत और 177.13 की स्ट्राइक रेट से 395 रन बनाए थे। इसके बाद टीम ने उन्हें आईपीएल 2025 से पहले 11 करोड़ रुपए में रिटेन किया था।
विराट को इसीलिए नहीं बनाया गया कप्तान
विराट कोहली का आरसीबी के कप्तान के रुप में रिकॉर्ड बेहद खराब तो नहीं है लेकिन अच्छा भी नहीं है। उन्होंने 143 मैचों में टीम की अगुआई की है और उनमें से 66 में जीत हासिल की है। यह जीत प्रतिशत 46% के आसपास है। हालांकि वे टीम को इतने मैचों के बाद भी खिताब नहीं दिला पाए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टीम का नेतृत्व कोर बदल गया है। टीम में रजत पाटीदार जैसे नए चेहरों के साथ, आरसीबी को शायद लगा कि यह किसी ऐसे व्यक्ति को बागडोर सौंपने का सही समय है जो उनकी भविष्य की योजनाओं का प्रतिनिधित्व करता हो। वहीं विराट कोहली बिना कप्तानी के दबाव के और भी खुलकर अपने गेम का आनंद ले सकते हैं। वे हालांकि फाफ डु प्लेसिस की तरह रजत पाटीदार का भी मार्गदर्शन करते रहेंगे।
डोमेस्टिक में कप्तान से किया इंप्रेस
रजत पाटीदार के पास आईपीएल में कप्तान का तो अनुभव नहीं है हालांकि उन्होंने डोमेस्टिक में अपनी लीडरशिप से सभी को इंप्रेस किया है। रजत ने हाल ही में सय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मध्यप्रदेश का नेतृत्व किया था जिसमें टीम को वे फाइनल तक ले गए थे। इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में भी उनकी कप्तानी की हर तरफ तारीफें हुई थी। ऐसे में इसी ने आरसीबी के नेतृत्व को इंप्रेस किया होगा।
आरसीबी के वफादार खिलाड़ी
रजत पाटीदार ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेली है और हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं। रजत पाटीदार ने पिछले सीजन तेजी से रन बनाए थे और टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रुप में उभरे थे। टीम ने उनकी इसी शैली पर भरोसा जताते हुए उन्हें 11 करोड़ रुपए में रिटेन भी किया था।
बल्लेबाजी में नहीं दिखता कप्तानी का दवाब
रजत पाटीदार की एक और खूबी पर टीम मैनेजमेंट का ध्यान गया होगा जो कि कप्तानी के दबाव को अच्छे से संभाल पाना। कई खिलाड़ियों का बल्ला कप्तान बनते खामोश हो जाता है लेकिन रजत पाटीदार ने डोमेस्टिक में कप्तान बनने के अलावा भी खूब रन बनाए। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 61.14 की औसत और 186.08 की स्ट्राइक रेट से नौ पारियों में 428 रन बनाकर पैतदार दूसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। विजय हज़ारे ट्रॉफी में, पाटीदार ने 56.50 की औसत और 107.10 की स्ट्राइक रेट से 226 रन बनाए।
विराट कोहली के अच्छे दोस्त
रजत पाटीदार और विराट कोहली अच्छे दोस्त माने जाते हैं और दोनों की पार्टनर्शिप मैदान और उसके बाहर भी अच्छी नजर आती है। रजत कोहली को बहुत मानते हैं और वे विराट के साथ कदम से कदम मिलाकर टीम को आगे बढ़ा सकते हैं। विराट ने भी रजत पर हमेशा भरोसा जताया है और कई बार खराब फॉर्म के बावजूद मौके दिए हैं।
