स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। T20 विश्व कप फाइनल से पहले शनिवार को एक कार दुर्घटना में ईशान किशन की चचेरी बहन और बहनोई का निधन हो गया था। इस हादसे के बाद किशन के पिता प्रणव पांडे फाइनल देखने के लिए अहमदाबाद नहीं जा सके। किशन भी अपने परिवार के साथ जुड़ना चाहते थे, लेकिन विश्व कप फाइनल की जिम्मेदारी के कारण वे वापस नहीं लौट सके। दिल में दर्द लेकर उन्होंने भारत को विश्व चैंपियन बनाने में मदद की।
फाइनल मैच में अर्धशतक जड़ने के बाद ईशान किशन। फोटो- AP
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा शनिवार शाम करीब 7 बजे उत्तर दिनाजपुर के इस्लामपुर इलाके में नेशनल हाईवे-27 पर हुआ। जब सिलीगुड़ी से परिवार घर लौट रहा था। तभी एक बेकाबू ट्रक ने ईशान किशन की बहन की कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि किशन की चचेरी बहन वैष्णवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति ऋत्विक ठाकुर ने अस्पताल में दम तोड़ा।
बीच रास्ते से लौटे पिता
कार में सवार दोनों बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। वैष्णवी सिंह पटना हाईकोर्ट की जानी-मानी वकील थीं। ईशान किशन के पिता फाइनल मैच देखने के लिए अहमदाबाद जा रहे थे। हादसे की खबर सुनते वह बीच रास्ते से वापस हो गए। किशन के पिता ने फाइनल से पहले टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'अनर्थ हो गया। हम लोग बहुत बड़ी मुसीबत में हैं। हम सब सदमे में हैं। ईशान हमसे मिलने आना चाहता था, लेकिन फाइनल की वजह से वह वापस नहीं आ सका। वह बेहद परेशान है।'
बहन के नाम समर्पित की जीत
ईशान किशन ने गजब का साहस दिखाया और अपनी बहन की यादों को दिल में दबाकर देश के लिए मैदान पर अपना कर्तव्य निभाया। फाइनल में जीत के बाद ईशान किशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हादसे के बारे में बात की।
उन्होंने कहा, कल (शनिवार ) को एक रोड एक्सीडेंट में मेरी चचेरी बहन की मौत हो गई और वह हमेशा चाहती थीं कि मैं बड़ी पारी खेलूं। यह उनके लिए है। मुझे कल इसके बारे में पता चला और मैं बहुत परेशान हो गया। मैं उसके लिए खेला, मैंने हार्दिक भाई से बात की और उन्होंने कहा कि टीम को आगे रखो। मैं यह जीत उसे डेडिकेट करता हूं और आज विमेंस डे भी है, इसलिए यह और भी खास हो जाता है।'
मैच में किया दमदार प्रदर्शन
फाइल मैच में ईशान किशन ने उम्दा प्रदर्शन किया। बल्लेबाज करते हुए ईशान किशन ने 25 गेंद पर चार छक्के और चार चौकों की मदद से 54 रन की तूफानी पारी खेली। इसके बाद फील्डिंग करते हुए तीन बेहतरीन कैच लपके, जिसमें रचिन रविंद्र, टिम साइफर्ट और डेरिल मिचेल का कैच शामिल रहा।
