कोलकाता: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के कप्तान फॉफ डुप्लेसी ने रविवार को विराट कोहली को आउट देने के फैसले पर असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मानना है कि फुलटॉस गेंद कमर से ऊपर की ऊंचाई पर थी। कोहली कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए तीसरे ओवर में हर्षित राणा की फुलटॉस गेंद पर आउट हुए। इस गेंदबाज ने ही कोहली का कैच लपका।
फॉफ डुप्लेसी और विराट कोहली(साभार IPL/BCCI)
कमर के ऊपर की गेंद पर आउट दिए जाने पर हुआ बवाल
कोहली ने सात की अपनी पारी में 18 रन बनाये लेकिन उनकी टीम जीत के लिए 223 रन का पीछा करते हुए एक रन से मैच हार गयी। इंडियन प्रीमियर लीग में नो-बॉल को ऊंचाई से मापने वाली ‘हॉक-आई प्रणाली’ लागू है। इसके तहत क्रीज में बल्लेबाज के कमर की ऊंचाई से गेंद की ऊंचाई का आकलन कर नो बॉल का फैसला किया जाता है। डुप्लेसी ने मैच के बाद कहा,'यह निराशाजनक था लेकिन नियम तो नियम हैं। विराट और मैंने सोचा कि गेंद कमर से ऊंची थी (कोहली के आउट होने के दौरान)। मुझे लगता है कि उन्होंने इसका आकलन पॉपिंग (बल्लेबाजी) क्रीज से किया। इस तरह की स्थिति में एक टीम सोचती है कि यह नो बॉल है तो दूसरी टीम की सोच अलग होती है। कई बार खेल इसी तरह चलता है।'
तकनीकी प्रणाली के आधार पर वैध थी गेंद
कोहली शॉट खेलते समय क्रीज से बाहर थे और गेंद उनके कमर से ऊपर थी लेकिन वह नीचे की तरफ आ रही थी। टीवी अंपायर माइकल गॉफ ने ऊंचाई की जांच की और हॉक-आई ट्रैकिंग के अनुसार, अगर कोहली क्रीज में होते तो गेंद कमर के पास 0.92 मीटर की ऊंचाई से गुजरी होती। इस स्थिति में गेंद कोहली के कमर की ऊंचाई (1.04 मीटर) से नीचे होती। ऐसे में गॉफ ने बॉल ट्रैकिंग के पैमाने पर गेंद की ऊंचाई को कोहली के कमर की ऊंचाई से नीचे पाया और उन्हें आउट करार दिया। कोहली हालांकि इस फैसले से सहमत नहीं दिखे उन्होंने गुस्से जैसी प्रतिक्रिया के साथ मैदानी अंपायर से बात की। मैदान से बाहर निकलने के बाद भी उनके चेहरे पर निराशा देखी जा सकती थी।
