बारबाडोस: वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और कप्तान सर गैरी सोबर्स का शुक्रवार को बारबाडोस में निधन हो गया वो 89 वर्ष के थे। 28 जुलाई, 1936 को बारबाडोस में जन्मे गैरी सोबर्स ने 17 जुलाई 2026 को अंतिम सांस ली। सोबर्स ने अपने करियर में वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान 57.78 के औसत से 8032 रन बनाए। इसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल हैं। नाबाद 365 उनका टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
गैरीफील्ड सोबर्स
गेंदबाजी में चटकाए 235 विकेट
इसके अलावा उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए एक वनडे मैच खेला जिसमें वो अपना खाता भी नहीं खोल सके। इसके अलावा उन्होंने इस दौरान गेंदबाजी करते हुए 93 टेस्ट की 159 पारी में 34.03 के औसत से 235 विकेट भी लिए। 73 रन देकर 6 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लिया।
एक ओवर में छह छक्के जड़ने वाले पहले बैटर
गैरी सोबर्स के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। सोबर्स साल 1968 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के जड़ने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बने थे। सोबर्स के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड दर्ज था। साल 1994 में ब्रायन लारा ने उनका रिकॉर्ड तोड़कर अपने नाम किया था। नाबाद 365 रन की ये पारी उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 1958 में जमैका के सबीना पार्क में खेली थी। उनका ये रिकॉर्ड 36 साल कायम रहा।
बीसीसीआई ने दी श्रद्धांजलि
बीसीसीआई ने एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा, बीसीसीआई सर गैरी सोबर्स के निधन पर शोक व्यक्त करता है। वे खेल के एक सच्चे आइकन और सर्वकालिक महान ऑल-राउंडरों में से एक थे। उनकी असाधारण उपलब्धियों, कैरेबियाई क्रिकेट पर उनके गहरे प्रभाव और वैश्विक खेल में उनके अमूल्य योगदान ने एक ऐसी विरासत छोड़ी है जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर के क्रिकेट समुदाय के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
दुनिया के सबसे महान क्रिकेटर थे सोबर्स
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने ’एक्स’ पर लिखा, 'एक महान पारी का अंत हो गया। सर गारफील्ड सोबर्स अब और हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।' बाद में एक बयान जारी करते हुए क्रिकेट वेस्टइंडीज ने कहा, 'क्रिकेट के इतिहास में कई महान खिलाड़ी हुए हैं। कई चैंपियन हुए हैं। लेकिन कुछ दुर्लभ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो महानता के मायने ही बदल देते हैं। सर गारफील्ड सोबर्स दुनिया के अब तक के सबसे महान क्रिकेटर थे।'
बयान में आगे कहा गया, 'बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण, तीनों विभागों में उनकी महारत का कोई मुकाबला नहीं था, लेकिन उनकी असली महानता मैदान की सीमाओं से कहीं आगे तक फैली हुई थी। सर गारफील्ड सोबर्स ने अपनी अंतिम पारी पूरी कर ली है, लेकिन उनकी विरासत हमेशा हमारे क्षेत्र के लोगों के दिलों में और क्रिकेट जगत के इतिहास में अमर रहेगी।'
