लॉर्ड्स की पिच पर आईसीसी का फैसला आ गया है। आईसीसी ने इस पिच को असंतोषजनक करार देते हुए इसे एक डिमेरिट प्वाइंट भी दिया है। न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच पहला मुकाबला इसी मैदान पर खेला गया था, जहां इंग्लैंड ने एक दिन और दो सेशन पहले न्यूजीलैंड को 115 रन से हरा दिया था। मैच के बाद पिच को लेकर इंग्लैंड के कप्तान भी खासे नाराज दिखे थे। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट की बेहतरी के लिए इस तरह की पिच से बचने की सलाह दी थी।
लॉर्ड्स की पिच (साभार-X)
मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा 'मैच के दौरान गेंद में काफी घुमाव देखा गया जबकि कई मौकों पर ये नीची भी रही। पिच पर बाउंस भी असमान था, जिसके कारण पहले दिन 16 और दूसरे दिन 17 विकेट गिरे थे।' मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान ने लॉर्ड्स की पिच को टेस्ट क्रिकेट के लायक नहीं बताया था। उन्होंने मैच के बाद कहा 'जो टेस्ट क्रिकेट को चाहते हैं, जो टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा दे सकता है। मुझे नहीं लगता कि यह पिच वैसी थी। मुझसे अक्सर फॉर्मेट को लेकर सवाल पूछे जाते हैं, लोग टेस्ट क्रिकेट को बचाने की बात भी करते हैं। मेरे लिए यह फॉर्मेट इन सब चीजों से बढ़कर है। यह पांच दिनों तक खेला जाना चाहिए, अगर बारिश का व्यवधान नहीं आए तो। जो लोग यह मानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट सर्वश्रेष्ठ फॉर्मेट होना चाहिए और इसे खत्म नहीं होना चाहिए, उनके लिहाज से यह आदर्श नहीं है'
इसके अलावा लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम की पिच को भी आईसीसी ने खराब रेटिंग देते हुए उसे 'असंतोषजनक' करार दिया है। गद्दाफी की पिच के बारे में कहा गया 'पिच धीमी और नीची थी, जिससे रन बनाना बहुत मुश्किल हो गया था। यह वनडे मैच के लिए उपयुक्त नहीं थी क्योंकि बल्लेबाजों को जमने में अधिक समय लग रहा था। इससे मैच की शुरुआत में स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिली और पूरे मैच में यही स्थिति बनी रही।
