Vaibhav Sooryavanshi Debut: वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मैच से टीम इंडिया के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। इस दौरान उन्होंने अपने पहले मैच 10 गेंदें खेलीं और मात्र 14 रन बनाए। अपनी पारी में वैभव ने दो शानदार छक्के भी जड़े। उनके पहले मैच का रन देखकर ज्यादातर लोगों को लग सकता है कि उनकी शुरुआत फीकी रही, लेकिन जिस हालात में वैभव सूर्यवंशी खेले, वह इस 14 रन को खास बना देता है। इंग्लैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर दुनिया के टॉप गेंदबाजों के सामने उतरना किसी भी युवा के लिए आसान नहीं होता। वैभव ने न सिर्फ मैदान पर कदम रखा, बल्कि दो गेंदों को स्टैंड में भी पहुंचाया। यह दिखाता है कि भले ही उनकी उम्र कम हो, लेकिन उनके अंदर हौसला पूरा है।
सचिन तेंदुलकर बनाम वैभव सूर्यवंशी (फोटो साभार- vaibhav_sooryavanshi09/ICC)
कैसा था सचिन तेंदुलकर का डेब्यू
ज्यादातर क्रिकेट फैंस अभी से कहने लगे हैं कि वैभव सूर्यवंशी आगे चलकर सचिन तेंदुलकर की तरह भारत का नाम रोशन करेंगे। बता दें कि सचिन ने 15 नवंबर 1989 को कराची में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मुकाबले में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अपने डेब्यू की पहली पारी में उन्होंने सिर्फ 15 रन बनाए थे। इस हिसाब से वैभव ने सचिन से सिर्फ 1 रन कम बनाए। सचिन ने तब वसीम अकरम, वकार यूनुस और इमरान खान जैसे गेंदबाजों का सामना किया था। वह 15 रन बनाकर वकार यूनुस की गेंद पर बोल्ड हुए थे। इस दौरान एक बाउंसर उनकी नाक पर भी लगी थी। जिससे उनकी नाक से खून भी निकलने लगा था, इसके बावजूद वह क्रीज पर डटे रहे। डेब्यू में 15 रन बनाने वाले सचिन आगे चलकर 100 इंटरनेशनल शतक और 34,357 रन के साथ लीजेंड बन गए।
वैभव में भी दिखता है दम
सचिन की तरह ही वैभव में ही पूरा दम दिखता है। वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 15 साल की छोटी उम्र में अब तक 4 टी20 शतक जड़ दिया है। इस दौरान उन्होंने 136 छक्के भी लगाए हैं। उन्होंने आईपीएल में अपने बल्लेबाजी से तहलका मचाया हुआ था। इसके अलावा इंडिया ए, अंडर-19 में भी उनके बल्ले का जौहर दुनिया देख चुकी है। उन्होंने IPL में एलएसजी के खिलाफ 93 रन, हैदराबाद के खिलाफ 97 रन और गुजरात के खिलाफ 96 रनों की भी पारियां खेली हैं। इस दौरान उन्होंने दुनियाभर के बड़े-बड़े गेंदबाजों को छक्के और चौके लगाए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू में 14 रन की उनकी पारी निराशा नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। सचिन ने भी 15 रन से शुरुआत करके इतिहास रचा था।
