Vaibhav Sooryavanshi: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में 15 साल 99 दिन के वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने प्लेइंग-11 में संजू सैमसन की जगह ली। डेब्यू के साथ ही वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा पुरुष खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इस मामले में महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था।
वैभव सूर्यवंशी (फोटो साभार- vaibhav_sooryavanshi09)
तिलक वर्मा ने दिया डेब्यू कैप
वैभव सूर्यवंशी ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत 10 गेंदों में 14 रन बनाकर की। उन्होंने विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट होने से पहले दो छक्के लगाए। वैभव को डेब्यू कैप भारत के उपकप्तान तिलक वर्मा ने दी। इस दौरान तिलक वर्मा ने वैभव को मोटिवेट करते हुए कहा, "सबसे पहले तो यह आपके और आपके परिवार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने आपके लिए सच में बहुत मेहनत की है। आपने अपनी मेहनत से यह क्रिकेट कैप हासिल की है। निडर होकर क्रिकेट खेलें, यहां कुछ नहीं बदलेगा। सही सोच और चेहरे पर मुस्कान के साथ खेलें।"
वैभव ने सबसे पहले अपने पापा को बताया
डेब्यू कैप मिलने के बाद वैभव ने बताया कि उनका पहला रिएक्शन क्या था। वैभव ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। भारत के लिए खेलना किसी भी भारतीय के लिए सबसे बड़ी बात है क्योंकि हर क्रिकेटर देश का प्रतिनिधित्व करना और देश का नाम रोशन करना चाहता है। सबसे पहले मैं अपने कमरे में गया और अपने पापा को बताया। वे मेरे साथ ही रुके हुए हैं। मैंने सबसे पहले उन्हें ही बताया। मैंने और किसी को नहीं बताया। साथ ही, मेरी मां और मेरे कोच, रोमी सर को भी बताया।" वैभव ने आगे बताया कि पापा ने उन्हें क्या कहा। उन्होंने बताया, "पापा खुश थे और उन्होंने मुझसे कहा कि मैं इसी तरह खेलता रहूं, कोई दबाव नहीं है। बस अपने खेल पर भरोसा रखो।"
