टीम इंडिया वर्ल्ड कप 2023 में बिना एक भी मैच हारे सेमीफाइनल में पहुंच गई है, जहां उसका सामना न्यूजीलैंड से होगा। यह मुकाबला 15 नवंबर को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े मैदान में खेला जाएगा। वर्ल्ड कप में टीम इंडिया इस बार बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी दोनों मे एकतरफा खेली है और विरोधियों को न केवल हराया है, बल्कि उसका मनोबल भी तोड़ा है। लेकिन, इसके बावजूद फैंस को न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में हार का डर सता रहा है।
रोहित शर्मा (साभार-Timesnowdigital)
क्या है इस डर का कारण?
फैंस के इस डर का कारण पिछले 10 सालों में आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबलों में टीम इंडिया के आंकड़े हैं। दरअसल टीम इंडिया साल 2013 के बाद से आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाई है। वह लीग मैचों में तो शानदार खेल दिखाती है, लेकिन सेमीफाइनल या फाइनल मुकाबले में टीम फिसल जाती है। 2013 के बाद टीम इंडिया ने आईसीसी टूर्नामेंट के 8 नॉकआउट मुकाबले खेले हैं और सब में उसे हार मिली है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
2013 के बाद टीम इंडिया ने ICC टूर्नामेंट के 4 सेमीफाइनल और 4 फाइनल मुकाबला खेला है और हर बार टीम हारी है।
2014 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल- श्रीलंका के खिलाफ 6 विकेट से हारे।
2014 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 95 रन से हारे।
2016 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल- वेस्टइंडीज के खिलाफ 7 विकेट से हारे।
2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल- पाकिस्तान के खिलाफ 180 रन से हारे।
2019 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल- न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 रन से हारे।
2021 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल- न्यूजीलैंड के खिलाफ 8 विकेट से हारे।
2022 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल- इंग्लैंड के खिलाफ 10 विकेट से हारे।
2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रन से हारे।
10 साल से है ICC ट्रॉफी का इंतजार
टीम इंडिया ने आखिरी बार आईसीसी ट्रॉफी महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में साल 2013 में जीता था। यह मुकाबला टी20 फॉर्मेट में खेला गया था, जिसमें पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 7 विकेट के नुकसान पर 129 रन बनाए थे और इंग्लैंड की टीम को 124 रन पर रोक दिया था।
इस मुकाबले में विराट ने सर्वाधिक 43 रन बनाए थे, जबकि गेंदबाजी में इशांत शर्मा, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा ने 2-2 विकेट चटकाए थे। टीम इंडिया इस जीत के बाद आईसीसी ट्रॉफी के लिए तरस रही है। यही कारण है कि शानदार खेल दिखाने के बावजूद फैंस को सेमीफाइनल में हार का डर सता रहा है।
रोहित की सेना पर है भरोसा
अब तक हुए 8 नॉकआउट मुकाबले में बल्लेबाजों का प्रदर्शन तो दिखा, लेकिन गेंदबाजों ने कहीं- न कहीं निराश किया। लेकिन इस बार वर्ल्ड कप में एक टीफ एफर्ट दिखी है और बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने बराबरी का योगदान दिया है। अब तक हुए 9 मुकाबलों में 8 अलग-अलग मैच विनर सामने आए हैं। यही कारण है कि इस बार ऐसा लग रहा है कि रोहित की सेना 13 साल के इंतजार को खत्म कर सकती है।
