दुबई: सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 5 विकेट के अंतर से पटखनी देकर एशिया कप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया है। भारतीय टीम ने मैच में टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया और पाकिस्तानी टीम को 19.1 ओवर में महज 146 रन पर ढेर कर दिया। अच्छी शुरुआत के बाद पाकिस्तानी टीम लड़खड़ा गई। बगैर किसी नुकसान के 84 रन के बाद जल्दी ही 146 के स्कोर पर पूरी पारी सिमट गई। इसके बाद जीत के लिए मिले 147 रन के लक्ष्य को टीम इंडिया ने खराब शुरुआत के बाद 19.4 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम की जीत के हीरो तिलक वर्मा रहे जिन्होंने 53 गेंद में 69 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत की दहलीज पार कराई।
सूर्यकुमार यादव
टीम इंडिया ने ट्रॉफी के बगैर मनाया खिताबी जीत का जश्न
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खेल रही टीम इंडिया का दबदबा पूरे टूर्नामेंट के दौरान दिखाई दिया। टीम इंडिया टूर्नामेंट में ग्रप दौर से फाइनल तक अजेय रही और 7 में से 7 मैच में जीत की। पाकिस्तान से टीम इंडिया दोनों देशों के बीच राजनीतिक तवान के बीच तीन बार भिड़ी और तीनों ही बार मात देकर खिताब अपने नाम करने में सफल रही। टूर्नामेंट के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए टीम इंडिया के प्लेयर्स ने टॉस के दौरान और मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। ये सिलसिला ग्रुप दौर से फाइनल मुकाबले तक जारी रहा। खिताबी जीत के बाद टीम इंडिया ने एसीसी चेयरमैन मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। ऐसे में नकवी अपने साथ ट्रॉफी और विनर्स मेडल्स ले गए। अंत में टीम इंडिया ने बगैर ट्रॉफी के मैदान पर जीत का जश्न मनाया। भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव प्रेजेंटेशन में शामिल नहीं हुए।
भारतीय सेना के नाम की एशिया कप 2025 की पूरी मैच फीस
खिताबी जीत के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव प्रेस कॉन्फेंस में शामिल होने आए और एशिया कप 2025 की अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सेना के नाम करने का ऐलान कर दिया। खिताबी जीत के बाद ट्रॉफी नहीं मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय कप्तान ने कहा, मुझे लगता है कि यह एक ऐसी बात है जो मैंने अपने पूरे करियर में कभी होती नहीं देखी। जब से मैंने क्रिकेट खेलनी शुरू की,तभी से मैंने क्रिकेट को भी फॉलो करना भी शुरू किया। मैनें ऐसा पहली बार देखा कि एक चैंपियन टीम को ट्रॉफी देने से इनकार कर दिया गया। मेरा मतलब है, कड़ी मेहनत से जीती हुई ट्रॉफी...मुझे लगता है कि हम ट्रॉफी के हकदार थे। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। मुझे लगता है कि मैं अच्छी तरह अपनी बात रखने में सफल हुआ।
मेरी ट्रॉफियां मेरे ड्रेसिंग रूमें में बैठी हैं
उन्होंने आगे कहा, मेरी सारी ट्रॉफियां मेरे ड्रेसिंग रूम में बैठी हैं। मेरे साथ रहने वाले 14 खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ असली ट्रॉफियां हैं,जिनका मैं पूरे एशिया कप सफर के दौरान बड़ा फैन रहा हूं...ये असली ट्रॉफियां हैं, असली पल हैं, जिन्हें मैं अपने साथ प्यारी यादों के रूप में लेकर जा रहा हूं, जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी...
