टीम इंडिया के एशिया कप स्क्वॉड के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या व्वाइट बॉल क्रिकेट में भी शिखर धवन की वापसी अब मुश्किल हो गई है। टीम के ऐलान ने सबसे ज्यादा धक्का गब्बर के फैंस को ही पहुंचाया है। टीम मैनेजमेंट ने 17 सदस्यीय टीम की घोषणा के साथ यह साबित कर दिया कि वह अब नए चेहरों की ओर देख रही है और इसमें इशान और गिल ने बाजी मार ली है। धवन कई बार कह चुके हैं कि उनका एकमात्र गोल वर्ल्ड कप खेलना है, और उनकी यह उम्मीद तब और बढ़ी थी जब उन्हें एशियन गेम्स के लिए घोषित टीम में जगह नहीं मिली। लेकिन अब उनकी यह उम्मीद पूरी तरह से टूट गई है, क्योंकि कोच और कप्तान ने साफ कर दिया है कि इन्हीं 17 खिलाड़ियों में वर्ल्ड कप के लिए 15 खिलाड़ी चुने जाएंगे।
शिखर धवन (साभार-BCCI)
धवन का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच
क्रिकेट खेलने वाले हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बने, लेकिन लगता है शिखर धवन का यह सपना टूट चुका है और अब व्हाइट बॉल में टीम इंडिया में उनकी वापसी की डगर खासी मुश्किल हो गई है। धवन ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला सितंबर 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ, आखिरी वनडे मैच 8 महीने पहले दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ और आखिरी T20I मुकाबला श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2021 में खेला था।
धवन पर चीफ सेलेक्टर अगरकर की राय
शिखर धवन के सेलेक्शन पर जब चीफ सेलेक्टर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा 'धवन टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन वर्तमान में इशान किशन और शुभमन गिल को प्राथमिकता दी गई है। कभी-कभी चीजें टीम के संतुलन या संयोजन पर निर्भर रहती है।
कभी सुपरहिट थी धवन-रोहित की जोड़ी
आज रोहित के साझेदार के तौर पर भले टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद शिखर धवन न हो, लेकिन एक समय इन दोनों की जोड़ी सुपरहिट रही थी। साल 2013 से इन दोनों ने भारत के लिए 112 इनिंग में साथ ओपनिंग की और 46.43 की बेहतरीन औसत से 5,108 रन बनाए हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में इशान किशन और शुभमन गिल उनसे आगे निकल गए हैं।
