लंदन: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने 2011 में घरेलू धरती पर विश्व कप जीतने के बाद कोई उपलब्धि हासिल नहीं की है और सीमित ओवरों की क्रिकेट के इतिहास में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली टीम रही है। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि टी20 विश्व कप में भारतीय टीम ने पुरानी शैली का क्रिकेट खेला।
भारतीय क्रिकेट टीम( साभार AP)
भारत है सीमित ओवरों की सबसे खराब टीम
एक और आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) टूर्नामेंट में भारत का अभियान निराशाजनक रहा। इस बार इंग्लैंड ने पूर्व चैम्पियन भारत को गुरूवार को टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में 10 विकेट से हरा दिया। वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में लिखे अपने कॉलम में कहा, 'भारत इतिहास में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली सीमित ओवरों की टीम है।'
2011 का विश्व कप जीतने के बाद टीम इंडिया ने क्या किया?
उन्होंने लिखा, 'हर खिलाड़ी जो इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने जाता है, कहता है कि इससे उनके खेल में कितना सुधार हुआ लेकिन भारत ने इससे क्या हासिल किया है? 2011 में घरेलू धरती पर 50 ओवर का विश्व कप जीतने के बाद उन्होंने क्या किया है? कुछ नहीं। भारत सफेद गेंद की क्रिकेट में वैसा ही पुरानी शैली का क्रिकेट खेल रहा है जो उसने वर्षों से खेला है।'ऋषभ पंत का इस्तेमाल नहीं करने पर उठाए सवाल
वॉन ने साथ ही भारतीय टीम प्रबंधन की ऋषभ पंत का प्रभावी रूप से इस्तेमाल नहीं करने की भी आलोचना की। भारत ने पहले चार सुपर 12 मैचों में अनुभवी दिनेश कार्तिक को खिलाने का फैसला किया और पंत को जिम्बाब्वे के खिलाफ तथा सेमीफाइनल में उतारा। लेकिन इन दो मैचों में भी पंत पांचवें और छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे जब मुश्किल से ही कुछ ओवर बचे होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी की प्रतिभा का भरपूर इस्तेमाल नहीं किया। इस दौर में उसे शीर्ष पर रखिये।'वॉन ने कहा, 'मैं इस बात से हैरान हूं कि उनके पास जो प्रतिभा है, उसके बावजूद वे कैसा टी20 क्रिकेट खेलते हैं। उनके पास खिलाड़ी हैं लेकिन उन्हें खिलाने के लिये सही प्रक्रिया नहीं है। उन्हें इसके लिये काम करना होगा। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी गेंदबाजों को पहले पांच ओवर में दबाव कैसे बनाने दिया?'
टॉप ऑर्डर में नहीं है कोई गेंदबाजउन्होंने टीम में बल्लेबाजी ऑलराउंडर की कमी का भी जिक्र किया जिसकी बात महान स्पिनर अनिल कुंबले ने भी की। वॉन ने कहा, 'उनके पास केवल पांच ही गेंदबाजी विकल्प कैसे हो सकते हैं जब 10 या 15 साल पहले भारत के सभी शीर्ष बल्लेबाज थोड़ी बहुत गेंदबाजी कर सकते थे - सचिन तेंदुलकर, सुरेश रैना, वीरेंद्र सहवाग और यहां तक कि सौरव गांगुली?'
उन्होंने कहा, 'कोई भी बल्लेबाज गेंदबाजी नहीं करता इसलिये कप्तान के पास केवल पांच ही विकल्प थे। उनके (भारत) गेंदबाजी विकल्प बहुत कम हैं, उनकी बल्लेबाजी में भी गहराई नहीं है और उनमें स्पिन रणनीति की भी कमी है।'
