सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर के 5 फैसले जिसने बदला टीम इंडिया का भाग्य

भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर एक साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। वह ना केवल ट्रॉफी डिफेंड करने वाली बल्कि घर पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भी पहली टीम बन गई। अगर आपको फाइनल मुकाबले को देख कर ऐसा लगता है कि इसका श्रेय संजू और बुमराह को जाता है तो यह पूरा सच नहीं है, क्योंकि इसकी नींव 2024 के बाद रख दी गई थी। इस दौरान कुछ ऐसे फैसले लिए गए जिसन टीम इंडिया को इतना सशक्त बना दिया।

टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। टॉस गंवाने के बाद टीम इंडिया बल्लेबाजी करने उतरी और टॉप थ्री संजू, ईशान और अभिषेक की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी के दम पर 7 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। जब गेंदबाजी की बारी आई तो हमेशा की तरह जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल ने क्लासिकल स्पेल डालकर न्यूजीलैंड को 159 पर ढेर कर दिया और भारत ने बैक टू बैक टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम कर ली। वह ऐसा करने वाली पहली टीम बन गई। ये सबकुछ किसी सपने जैसा लगता है न कि संजू आए, अच्छी शुरुआत दिलाई और भारत ने बड़ा स्कोर कर बुमराह के दम टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठा ली।

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सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर (साभार-X)

लेकिन यकीन मानिए यह सब कुछ इतना आसान नहीं था। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अगर टीम इंडिया ने एकतरफा अंदाज में न्यूजीलैंड को रौंदकर ट्रॉफी उठाई तो उसकी नींव कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर ने 2024 के बाद रख दी। भारतीय टीम मैनेजमेंट ने इन दोनों के सहयोग से कुछ ऐसे कड़े फैसले लिए जिसने टीम इंडिया को आंतरिक और मानसिक तौर पर इतना सशक्त बना दिया कि टीम मुश्किल परिस्थिति में भी अपने बेसिक्स पर डंटी रही। चलिए एक-एक कर इन फैसलों के बारे में जानते हैं।

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