स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। आईपीएल के पिछले दो सीजन खराब रहने के बाद सीएसके में बदलाव के संकेत मिले। चेन्नई सुपर किंग्स के कोचिंग सेटअप को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा था कि हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग की छुट्टी हो सकती है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबकि, फ्रेंचाइजी ने सेटअप में कोई बदलाव किए ना करने का फैसला किया है। क्रिकबज के अनुसार, स्टीफन फ्लेमिंग हेड कोच के रूप में बने रहेंगे।
धोनी के साथ स्टीफन फ्लेमिंग। फाइल फोटो
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग सीएसके से 2008 से जुड़े हैं। पहले सीजन उन्होंने बतौर खिलाड़ी हिस्सा लिया। इसके बाद 2009 से मुख्य कोच के रूप में कार्यरत हैं। हाल ही में टीम के खराब प्रदर्शन के चलते टीम के कोचिंग सेटअप में परिवर्तन की मांग उठी। हालांकि, इसके बावजूद फ्रेंचाइजी का विश्वास फ्लेमिंग पर बरकरार रखता है।
फैंस ने उठाई हटाने की मांग
टीम के हालिया खराब प्रदर्शन के बाद सीएसके के फैंस के एक बड़े समूह ने बदलाव की मांग उठाई। यहां तक कि सोशल मीडिया पर 'फ्लेमिंग को बर्खास्त करो' जैसे अभियान भी चले। हालांकि, फ्रेंचाइजी द्वारा अपने रुख में कोई बदलाव करने की उम्मीद नहीं है, फ्लेमिंग कम से कम अगले सीजन के लिए मुख्य कोच के रूप में बने रहेंगे।
पिछले दो सालों में टीम का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। 2025 में टीम 10वें स्थान पर रही और हाल ही में समाप्त हुए 19वें सीजन में आठवें स्थान पर रही। इसके बावजूद, सीएसके प्रबंधन फ्लेमिंग के साथ बने रहने के लिए तैयार है। फ्लेमिंग का अनुबंध हर साल नवीनीकृत होता है। क्रिकबज़ के अनुसार, पिछले सालों की तरह इस साल भी इसे बढ़ाया जाएगा।
MLC के बाद होगी समीक्षा बैठक
न्यूजीलैंड के रहने वाले फ्लेमिंग फिलहाल मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में चेन्नई सुपर किंग्स की अमेरिकी सहायक कंपनी, टेक्सास सुपर किंग्स की देखरेख के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में हैं। वे वहां के मुख्य कोच भी हैं। एमएलसी के समाप्त होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स समीक्षा बैठक करेगी। बैठक में फ्लेमिंग के हटाए जाने पर चर्चा नहीं होगी।
इस घटनाक्रम का सीधा मतलब यह है कि एमएस धोनी के विचार फ्रेंचाइजी के भीतर अब भी बहुत मायने रखते हैं। यह कोई छुपी हुई बात नहीं है कि धोनी और फ्लेमिंग के बीच घनिष्ठ पेशेवर संबंध हैं, जो हर गुजरते सीजन के साथ और मजबूत होते गए हैं।
खिलाड़ियों के ट्रेड से किया इनकार
इस बीच, फ्रेंचाइजी को कुछ खिलाड़ियों के ट्रांसफर के प्रस्ताव मिले हैं, लेकिन हार्दिक पांड्या के लिए कोई प्रस्ताव नहीं है। सोमवार को ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि सीएसके और दिल्ली कैपिटल्स खलील अहमद और डेविड मिलर के बीच अदला-बदली पर विचार कर सकते हैं, लेकिन दोनों फ्रेंचाइजी ने इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।
फिलहाल, सीएसके का रुख यही है कि वह किसी भी खिलाड़ी को ट्रेड के लिए नहीं छोड़ेगी। हालांकि, पिछले सीजन में रवींद्र जडेजा के सौदे से पहले भी फ्रेंचाइजी का यही रुख था। फिलहाल, ऐसा कोई कदम उठाने की संभावना नहीं है, लेकिन आईपीएल में ट्रेड की स्थितियां बदलती रहती हैं।
