मैनचेस्टर टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद क्या बोले कप्तान गिल, इन खिलाड़ियों की जमकर की तारीफ

मैनचेस्टर टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन ड्रॉ पर समाप्त होने के बाद टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर की जमकर तरीफ करते हुए बेन स्टोक्स के मैच जल्दी खत्म करने के प्रस्ताव को नकारने के फैसले का बचाव किया है। जानिए उन्होंने क्या कहा?

मैनचेस्टर: भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में ड्रॉ सुनिश्चित करने के बाद अपनी टीम के बल्लेबाजी प्रदर्शन की सराहना की और बेन स्टोक्स के खेल जल्दी समाप्त करने के प्रस्ताव को स्वीकार न करने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर को अपने शतक तक पहुंचने का पूरा हक था। भारत ने अपनी दूसरी पारी 311 रन पिछड़ने के बावजूद दूसरी पारी में जुझारू बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 143 ओवर में चार विकेट पर 425 रन बनाए। टीम ने बिना कोई रन बनाये दो विकेट गंवाने के बावजूद कप्तान गिल की अगुवाई में शानदार बल्लेबाजी की। गिल ने 103 रन बनाने के अलावा लोकेश राहुल (90) के साथ 188 रन की साझेदारी से मैच में भारत की वापसी कराई जिसके बाद जडेजा (107 नाबाद) और सुंदर (101 नाबाद) ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को सफलता से दूर रखा।

Shubman Gill

शुभमन गिल (फोटो क्रेडिट AP)

शतक के हकदार थे जडेजा और सुंदर

इस दौरान मैच उस समय नाटकीय मोड़ आ गया जब जडेजा और सुंदर ने इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के मैच के अंतिम घंटे की शुरुआत से पहले ड्रॉ पर सहमति जताने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। बायें हाथ के ये दोनों बल्लेबाज उस समय शतक के करीब थे। गिल ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा,'निश्चित रूप से यह क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों पर निर्भर था। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की और उस समय दोनों 90 रन के करीब थे ऐसे में हमें लगा कि वे शतक के हकदार थे।'

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