स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। होप के शतक की बदौलत भारत के सामने 248 रनों का बड़ा लक्ष्य था। सैमसन ने तूफानी अर्धशतक जड़ते हुए भारत को आक्रामक शुरुआत दिलाई थी, लेकिन सैमसन के आउट होने के बाद भारतीय पारी को संभलने में समय लगा और आवश्यक रन रेट भी लगातार बढ़ता जा रहा था। किशन और श्रेयस जल्दी आउट हो गए, जिसके बाद अभिषेक और तिलक में साझेदारी पनपी, लेकिन गुडाकेश मोती ने एक ही ओवर में अभिषेक और नमन धीर का विकेट निकालकर भारत पर दबाव बढ़ा दिया।
श्रेयस ने बताया भारत की हार का कारण।
हालांकि, इसके बाद रेड्डी और तिलक वर्मा के बीच साझेदारी पनपी, लेकिन कीमो पॉल ने 17वें ओवर में तिलक का विकेट निकालने के बाद 19वें ओवर में तीन झटके देकर भारत को मुकाबले से पूरी तरह से बाहर कर दिया। मैच का मुख्य अंतर वेस्टइंडीज की सूझबूझ भरी गेंदबाजी रही। भारतीय तेज गेंदबाजों ने अधिकांश गेंदें ऑन पेस डालीं और लेंथ भी अधिक फुलर रखीं, जबकि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने लेंथ और गति दोनों के साथ मिश्रण किया।
योजना पर नहीं हुआ अमल
मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस ने भी माना कि गेंदबाजी के दौरान योजना पर अमल न करने से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, श्रेयस ने कहा कि अब फाइनल मुकाबले के लिए टीम तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम फ्रेश माइंडसेट के साथ उतरेगी और अप्रोच पहले जैसा रहेगा।
'गेंद फंस कर आ रहा थी'
श्रेयस ने कहा, हम गेंदबाजी में योजनाओं को अमल में नहीं ला सके। खासकर लाइन और लेंथ के साथ। 250 को चेज करना कभी भी आसान नहीं रहता। हम 12 रन प्रति ओवर के अधिक की रेट से रन बना रहे थे और वेस्टइंडीज ने बढ़िया गेंदबाजी की और इसका श्रेय उन्हें जाता है। गेंद फंस कर आ रही थी और बाउंस भी अधिक हो रहा था,लेकिन उनके गेंदबाजों ने बदली हुई परिस्थितियों को भांपा। अगला मुकाबला काफी दिलचस्प होगा। हमारा अप्रोच वही रहेगा और मुझे लगता है कि आगे हमें अधिक अलग करने की जरूरत नहीं है। हमें फ्रेश माइंडसेट के साथ आना होगा।
मैच में लगी 60 बाउंड्री
हैदराबाद में भी रनों की बारिश देखने को मिली। दोनों पारियों में कुल 470 रन बने। वेस्टइंडीज की तरफ से 16 छक्के और 16 चौके लगे। वहीं, भारतीय खिलाड़ियों ने मिलकर 13 छक्के लगाए और 15 चौके जड़े। मैच में कुल 60 बाउंड्री लगी। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों से कहीं अच्छी गेंदबाजी वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने की।
