पिता नौशाद ने बताय, सरफराज और मुशीर के करियर को कैसे तराशा

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  • Updated Jul 21, 2024, 08:57 PM IST

सरफराज खान और मुशीर खान के पिता नौशाद खान टेस्ट क्रिकेट को हमेशा प्राथमिकता देते हैं। यही कारण है कि उन्होंने अपने दोनों बच्चों को लाल गेंद के साथ ही तराशा और अब बड़ा भाई टीम इंडिया में डेब्यू कर चुका है और छोटा उसी राह पर है।

भारतीय बल्लेबाज सरफराज खान और उभरते हुए आलराउंडर मुशीर खान के पिता और कोच नौशाद खान ने युवा खिलाड़ियों को 15 साल की उम्र तक लाल गेंद से क्रिकेट यानी लंबी अवधि के प्रारूप पर ध्यान देने की जरूरत बताते हुए कहा कि अपने खेल की बुनियाद मजबूत करने के लिये ऐसा करना बेहद जरूरी है। लखनऊ स्थित एक क्रिकेट एकेडमी में उभरते हुए खिलाड़ियों को गुर सिखाने आये खान ने रविवार को 'पीटीआई—भाषा' से बातचीत में कहा कि फटाफट क्रिकेट के इस दौर में भी शुरुआत हमेशा लाल गेंद से ही होनी चाहिये। खासकर 15 साल तक की उम्र तक खिलाड़ियों को लाल गेंद से खेलने पर ही ध्यान लगाना चाहिये।

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नौशाद खान, सरफराज खान (साभार-BCCI)

उन्होंने कहा, ''शुरू में लाल गेंद से खेलने में फायदा ही फायदा है, वरना नुकसान ही नुकसान है। पहले टेस्ट क्रिकेट पर ही फोकस किया जाए। उसके बाद ही वन डे और टी—20 खिलाया जाए। लाल गेंद से खेलने से खिलाड़ी के 'बेसिक्स' मजबूत होते हैं और वह तकनीकी तथा मानसिक रूप से भी सशक्त हो जाता है। लिहाजा 15 साल की उम्र तक खिलाड़ियों की बुनियाद को मजबूत करने पर ही ध्यान देना चाहिये। ''

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