टी20 विश्व कप 2022 के आगाज से पहले भारत की प्लेइंग इलेवन में लगातार फेरबदल देखने को मिल रहे हैं। भारतीय खेमा अभी यह तय नहीं कर पाया है कि आगामी विश्व कप में उसका मुख्य विकेटकीपर बल्लेबाज कौन होगा? इसके लिए भारत के पास अनुभवी दिनेश कार्तिक और युवा ऋषभ पंत के रूप में दो विकल्प हैं। हाल ही में ऑस्ट्र्र्रेलिया के खिलाफ समाप्त हुई टी20 सीरीज में कार्तिक ने तीन मैच खेले जबकि पंत को सिर्फ एक मुकबाले में प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। सीरीज खत्म होने के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने खुलासा किया है कि कार्तिक को पंत पर तरजीह क्यों दी जा रही है।
'मैं चाहता हूं कि दोनों कुछ मैच खेलें'
रोहित का कहना है कि कार्तिक को मैच में और समय की आवश्यकता है, क्योंकि उन्होंने एशिया कप में सिर्फ एक गेंद खेली थी और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सीरीज में भी 10 से कम गेंद खेलीं। हालांकि, कप्तान ने कहा कि विश्व कप से पहले पंत को और मैच में अवसर देना चाहते हैं लेकिन टीम कॉम्बिनेशन में दोनों का एक साथ खेलना मुश्किल होता जा रहा है। रोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैं चाहता हूं कि दोनों (कार्तिक और पंत) विश्व कप से कुछ मैच खेलें। जब हम एशिया कप में उतरे तो दोनों को सभी मैच में मौका देने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।'
रोहित ने कहा, 'लेकिन मुझ लगता है कि कार्तिक को मैच में और अधिक समय मिलने की जरूरत है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में मुश्किल से बल्लेबाजी का मौका मिला। शायद तीन गेंद ही खेल सके। यह पर्याप्त समय नहीं है। हालांकि, पंत को भी और गेम टाइम की आवश्यकता है। ऑस्ट्रेलिया सीरीज पर नजर दौड़ाएं तो मुझे लगता है कि बैटिंग लाइनअप में निरंतरता बरती जाए।'
'सिर्फ 11 खिलाड़ी ही उतार सकते हैं'
भारतीय कप्तान ने आगे कहा, 'मुझे नहीं पता कि हम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में क्या करने जा रहे हैं। हमें पहले यह देखने कि जरूरत है कि दक्षिण अफ्रीका किस बॉलिंग लाइनअप के साथ उतरेगा। ऐसे में हम तभी फैसला करेंगे कि किन खिलाड़ियों को मौका दिया जाए, जो उस बॉलिंग लाइअप का मुकाबला कर सकें।' रोहित ने कहा, 'हम अपनी बैटिंग में लचीलापन चाहते हैं। अगर परिस्थितियों की मांग होगी तो हम देखेंगे कि बाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत है या दाएं हाथ के बल्लेबाज की। हम दोनों को ध्यानपूर्वक तरीके से अवसर देंगे। मुझे मालूम हो कि दोनों को विश्व कप से पहले अधिक गेम टाइम चाहिए लेकिन आप सिर्फ 11 खिलाड़ी ही मैदान पर उतार सकते हैं।
