Rohit Sharma Will Create History: भारतीय टीम के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की दहलीज पर खड़े हैं। 19 अक्टूबर से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज़ में रोहित के निशाने पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और अपने जमाने के आक्रामक बल्लेबाज शाहिद अफरीदी का वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड है।
8 छक्के और इतिहास
वनडे क्रिकेट में 'सिक्सर किंग' के नाम से मशहूर रोहित शर्मा इस समय सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में दूसरे पायदान पर हैं। इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज़ में सिर्फ 8 छक्के लगाने की जरूरत है।
शाहिद अफरीदी ने अपने 398 मैचों के वनडे करियर में 351 छक्के जड़े हैं, यह रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है। वहीं, रोहित शर्मा अब तक 273 मैचों की 265 पारियों में 344 छक्के लगा चुके हैं। यदि रोहित यह आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो वह न केवल अफरीदी को पीछे छोड़ देंगे, बल्कि सबसे कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले बल्लेबाज भी बन जाएंगे। भारतीय क्रिकेट प्रशंसक बेसब्री से चाहेंगे कि 'हिटमैन' रोहित इस दौरे पर यह ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करें।
आंकड़ों में रोहित का दबदबा
रोहित शर्मा का वनडे करियर हमेशा ही रिकॉर्ड्स से भरा रहा है। उन्होंने 273 मैचों की 265 पारियों में 11,168 रन बनाए हैं। उनके नाम 32 शतक और 58 अर्धशतक दर्ज हैं, जिसमें वनडे की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी 264 रन की है। इसके अलावा, रोहित दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं जिन्होंने वनडे में तीन दोहरे शतक जड़े हैं। ऑस्ट्रेलिया की तेज पिचों पर उनकी आक्रामक बल्लेबाजी भारतीय टीम को मज़बूत शुरुआत देने में महत्वपूर्ण होगी।
युवा कप्तान और अनुभवी खिलाड़ियों का संगम
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज 19 अक्टूबर को पर्थ स्टेडियम में शुरू होगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को एडिलेड ओवल और 25 अक्टूबर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में अगले दो मुकाबले खेले जाएंगे।यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय टीम युवा बल्लेबाज शुभमन गिल के नए वनडे कप्तान के नेतृत्व में उतरेगी। गिल, जो अब तक टेस्ट टीम की कप्तानी संभाल रहे थे, अब सीमित ओवरों के प्रारूप में भी टीम की कमान संभालेंगे। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों की करीब छह महीने बाद वनडे टीम में वापसी से युवा कप्तान को जबरदस्त मजबूती मिली है। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम का संतुलन और ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।रोहित के लिए यह सीरीज़ सिर्फ एक रिकॉर्ड तोड़ने का अवसर नहीं है, बल्कि यह ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर भारतीय टीम के लिए अपनी बादशाहत साबित करने का एक अहम मौका भी है।
