फॉर्मेट चाहे कोई भी हो नो-बॉल करना हमेशा विरोधी टीम को फायदा पहुंचाती है, और बात अगर टेस्ट क्रिकेट की हो तो इसमें नो-बॉल फेंकना अपराध की श्रेणी में आता है। गॉल टेस्ट में श्रीलंका की दूसरी पारी के दौरान रवींद्र जडेजा ने 12 गेंद में दो नो-बॉल डाला। एक में तो श्रीलंका के कप्तान ने स्लिप में कैच भी दे दिया था, लेकिन जडेजा की बदौलत उन्हें जीवनदान मिल गया। उस वक्त धनंजय डिसिल्वा 7 रन के निजी स्कोर पर थे।
रवींद्र जडेजा (साभार-x)
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती, पिछले कुछ सालों की बात करें तो रवींद्र जडेजा ने बतौर ऑलराउंडर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, लेकिन इस मोर्चे पर वह थोड़े हल्के नजर आते हैं। पिछले 5 साल की बात करें तो नो-बॉल डालने के मामले में रवींद्र जडेजा सबसे ऊपर हैं। ये वो लिस्ट है जिसमें आप टॉप पर नहीं रहना चाहते। हैरानी की बात यह है कि नंबर दो पर जो गेंदबाज है उन्होंने जडेजा की तुलना में आधे नो-बॉल डाले हैं।
सबसे ज्यादा नो-बॉल डालने वाले गेंदबाज
पिछले 5 साल यानी साल 2021 से रवींद्र जडेजा ने सबसे ज्यादा 84 नो बॉल डाले हैं। इस लिस्ट में नंबर दो पर पाकिस्तान के नोमान अली हैं जिन्होंने 40 नो-बॉल डाले हैं। तीसरे नंबर पर 33 नो-बॉल के साथ लसिथ एंबुलदेनिया हैं जबकि इंग्लैंड के जैक लीच ने 19 नो-बॉल डाले हैं।
सबसे ज्यादा नो बॉल (साभार-AI)
