कोलंबो: अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने रविवार को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले सारांश जैन को भारत के लिए खेलने का दबाव नहीं लेने और अपने पहले मैच को एक और प्रथम श्रेणी मुकाबले की तरह खेलने की सलाह दी। तैंतीस वर्षीय स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर सारांश ने श्रीलंका के खिलाफ यहां दूसरे टेस्ट में पदार्पण किया। वह भारत की ओर से टेस्ट खेलने वाले 320वें खिलाड़ी बने।
रवींद्र जडेजा और सारांश जैन (फोटो क्रेडिट BCCI X)
बिल्कुल दबाव मत लेना
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साझा किए गए वीडियो में जडेजा ने सारांश से कहा,'टेस्ट कैप नंबर 320, सारांश, बहुत अच्छा। घरेलू क्रिकेट में आपने इतने वर्षों तक जो मेहनत की है और लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है, चाहे वह भारत ए हो या रणजी ट्रॉफी, यह आपके जीवन का बहुत महत्वपूर्ण अवसर है। एक क्रिकेटर के तौर पर हर किसी का सपना भारत का प्रतिनिधित्व करना और टेस्ट खिलाड़ी बनना होता है। इस पल का आनंद उठाइए। बिल्कुल दबाव मत लीजिए। जिस तरह आपने इतने घरेलू मुकाबलों में प्रदर्शन किया है, उसी तरह खेलिए जैसे एक और प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे हों। आपके साथ बाकी 14 खिलाड़ी हैं जो आपका समर्थन करेंगे। दबाव लेने के बजाय इस पल का आनंद उठाइए।'
जडेजा से टेस्ट कैप मिलना है खास
कुलदीप यादव की जगह अंतिम एकादश में शामिल किए गए मध्य प्रदेश के सारांश ने कहा कि जडेजा से टेस्ट कैप मिलना उनके लिए खास है क्योंकि वह भी हरफनमौला खिलाड़ी हैं। सारांश ने कहा,'सबसे पहले मैं भगवान और उसके बाद अपने परिवार का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मेरे पिता मेरे सबसे करीबी व्यक्ति हैं इसलिए सबसे पहले मैं उन्हें बताऊंगा (टेस्ट पदार्पण के बारे में)। मैंने उनकी वजह से क्रिकेट खेलना शुरू किया और आगे भी उनके लिए खेलता रहूंगा। जड्डू (जडेजा) भाई दिग्गज हैं और अगर मुझे उनसे कैप मिल रही है तो इससे मुझे निश्चित तौर पर फायदा होगा। मैं बहुत खुश हूं। मैं चाहता था कि मुझे किसी ऐसे हरफनमौला खिलाड़ी से कैप मिले जो मुझे प्रेरित कर सके। मैं खुद भी हरफनमौला हूं और अपने सपने को पूरा करने की कोशिश करूंगा।'
(भाषा)
