भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज रविचंद्रन अश्विन के लिए ऐतिहासिक रहा। इस सीरीज में अश्विन न केवल लीडिंग विकेटटेकर रहे बल्कि 500 विकेट का आंकड़ा भी छूआ। अश्विन ने राजकोट टेस्ट में जैक क्राउली को अपना 500वां शिकार बनाया और अनिल कुंबले के साथ 500 क्लब में शामिल हुए। कुंबले के 619 विकेट के बाद वह भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बने।
रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन (साभार-BCCI)
लेकिन इस सीरीज के अश्निन को निजी कारण के कारण बीच मैच में घर भी लौटना पड़ा था। हालांकि, 24 घंटे के भीतर वह टीम से दोबारो जुड़ गए थे। अश्विन की मां की तबियत खराब थी और वह राजकोट टेस्ट के दौरान उन्हें देखने गए थे। अश्विन ने इसी से जुड़ा रोहित का एक दिल छू लेने वाला किस्सा सुनाया। इस किस्से को सुनकर आप जान जाएंगे कि आखिर क्यों रोहित को प्लेयर्स कैप्टन कहा जाता है।
अश्विन ने सुनाया दिल छू लेने वाला किस्सा
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर रोहित के बारे में कहा ' रोहित बहुत साफ दिल के हैं। उनके पास 5 आईपीएल खिताब हैं, भगवान इतनी आसानी से इतना नहीं देता है। रोहित को इन सब से बड़ा कुछ मिलना चाहिए, जो भगवान उसे देगा, ऐसे स्वार्थी समाज में रोहित जैसे आदमी का होना दुर्लभ है। वह दूसरों के लिए सोचते हैं।
अश्विन ने उस दिन का किस्सा शेयर किया 'मैं घर जाना चाहता था, क्योंकि डॉक्टर ने कहा कि मेरी मां देख पाने की स्थिति में नहीं है। मैं रोने लगा। मैं फ्लाइट सर्च कर रहा था, लेकिन मुझे कोई फ्लाइट नहीं मिली। राजकोट में 6 बजे के बाद फ्लाइट नहीं मिलती है। ऐसे में रोहित और राहुल मेरे कमरे में आए और मुझे समझाया। दोनों चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था करवाने में जुट गए। इतना ही नहीं रोहित ने टीम फीजियो कमलेश को मेरे साथ जाने को कहा। अगर मैं कप्तान होता तो ज्यादा से ज्यादा इस स्थिति में खिलाड़ी को घर जाने कहता। इसके अलावा और कुछ नहीं कर सकता था। लेकिन रोहित ने जो किया वह कठिन है।
