पर्थ: भारत और पश्चिम ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को खेले गए दूसरे अभ्यास मैच में रविचंद्रन अश्निन की फिरकी का जादू देखने को मिला। अश्विन ने मैच में 4 ओवर में 33 रन देकर 3 विकेट चटकाए। उन्होंने ये तीनों विकेट अपने स्पेल के आखिरी ओवर में लिए और विरोधी टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोक दिया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पश्चिम ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जोशुआ फिलिप दूसरे ओवर में 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद डी आर्की शॉर्ट और निक हॉबसन ने मोर्चा संभाला और भारतीय गेंदबाजों की धुनाई करते हुए दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। इस साझेदारी को पारी के 15वें ओवर में हर्षल पटेल ने हॉबसन(64) को अक्षर पटेल के हाथों कैच कराकत तोड़ा। इसके बाज इसी ओवर की आखिरी गेंद पर शॉर्ट भी रन आउट हो गए। ऐसे में पश्चिम ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 127 रन पर 3 विकेट हो गया।
अश्विन ने चार गेंद में चटकाए तीन विकेट
जल्दी जल्दी दो विकेट गंवाने के बाद वापसी की कोशिश कर रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को रविचंद्रन अश्विन ने चार गेंद के अंतराल में तिहरे झटके अपने स्पेल के आखिरी गेंद पर दिए। उन्होंने सबसे पहले कप्तान एश्टन टर्नर को बोल्ड कर दिया। इसके बाद अगली गेंद पर सैम फेनिंग को एलबीडब्ल कर दिया और हैट्रिक पर आ गए। हैट्रिक बॉल पर मैकेंजी एक रन लेने में सफल हुए लेकिन चौथी गेंद पर बेनक्रॉफ्ट दिनेश कार्तिक के हाथों कैच देकर पवेलियन लौट गए।टीम मैनेजमेंट के सामने खड़ी हुई नई समस्या
अश्विन की ऐसी घातक गेंदबाजी की वजह से कंगारुओं की रन गति पर लगाम लगी और वो बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाए। 20 ओवर में पश्चिम ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट के नुकसान पर 168 रन का स्कोर खड़ा किया। अश्विन भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा हर्षल पटेल ने 4 ओवर में 27 रन देकर 2 विकेट चटकाए। वहीं 1 विकेट अर्शदीप सिंह के खाते में गया।अश्विन ने पर्थ की तेज पिच पर शानदार प्रदर्शन करके टीम मैनेजमेंट के सामने एक कठिन समस्या खड़ी कर दी है कि प्लेइंग इलेवन में चहल और अश्विन में से किसे मौका दिया जाए। टी20 फॉर्मेट में लेग स्पिनर को अचूक हथियार माना जाता है लेकिन अश्विन भी अपनी घातक फिंगर स्पिन गेंदबाजी से ये साबित कर चुके हैं कि वो चालाकी के मामले में किसी भी गेंदबाज से कम नहीं हैं।
