नई दिल्ली: भारतीय टीम एक बार फिर चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच में भिड़ेगी। इस साल एशिया कप में दोनों टीमों के बीच दो बार भिड़ंत हुई थी। अब 23 अक्टूबर को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। इस साल टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें आपस में मुकाबला खेलकर अपने अभियान की शुरूआत करेंगी। इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा पीसीबी अध्यक्ष रमीज राजा ने बड़ा बयान दिया है।
रमीज राजा
राजा के मुताबिक, हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को आईसीसी इवेंट्स में गंभीरता से लेना शुरू किया और इज्जत देना शुरू कर दिया है। पिछले साल टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने पहली बार भारतीय टीम को मात दी थी। दुबई में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से मात दी थी। इस साल दोनों टीमें एशिया कप में दो बार भिड़ी और दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता।
भारत और पाकिस्तान के बीच केवल आईसीसी और कॉन्टिनेंटल मुकाबले खेले जाते हैं। इनमें पाकिस्तान की टीम कम की मौकों पर भारत से जीत सकी है। मगर राजा के मुताबिक पिछले एक साल में उनकी टीम के अच्छे प्रदर्शन ने चीजें बदली हैं। रमीज राजा ने कहा कि बाबर आजम के नेतृत्व वाली पाकिस्तान को श्रेय देना होगा कि उन्होंने 'बिलियन-डॉलर टीम' पर फतह हासिल की।
राजा के मुताबिक हर बार जब भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होता है तो यह मैदान पर शारीरिक से ज्यादा मानसिक युद्ध होता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा अपने इतिहास के कारण भारत के खिलाफ अंडरडॉग की तरह शुरूआत करता है। मगर चीजें बदली हैं और अब भारत की टीम पाकिस्तान को इज्जत देती है।
डॉन के हवाले से राजा ने कहा, 'यह स्किल और प्रतिभा से ज्यादा मानसिक मुकाबला होता है। तो अगर आप सुधार में मजबूत हैं और मानसिक रूप से ध्यान केंद्रित है व हार मानने को तैयार नहीं होते हैं तो छोटी टीम भी बड़ी टीम को हरा सकती है। जब भी भारत से मुकाबला हुआ है तो पाकिस्तान ने अंडरडॉग की तरह शुरूआत की है, लेकिन बाद में उन्होंने हमें इज्जत देना शुरू कर दिया क्योंकि उनके ख्याल में यह था कि पाकिस्तान हमें कभी हरा नहीं सकता। तो यही मैं कहता हूं कि पाकिस्तान को क्रेडिट दीजिए क्योंकि एक बिलियन डॉलर टीम क्रिकेट इंडस्ट्री को हम हराते हैं। मैं तो खुद वर्ल्ड कप खेला हूं। हम लोग तो इंडिया को नहीं हरा पाते थे। इस टीम को क्रेडिट देना चाहिए क्योंकि भारत की तुलना में सीमित संसाधनों से तैयारी करते हैं और तगड़ा मुकाबला करते हैं।'
