शान मसूद की कप्तानी वाली पाकिस्तान क्रिकेट टीम को बांग्लादेश के खिलाफ दो मैच टेस्ट सीरीज में 0-2 से सूपड़ा साफ हो गया। बुधवार को सीरीज के सिलहट में खेले गए दूसरे टेस्ट के आखिरी दिन पाकिस्तानी टीम जीत के लिए चौथी पारी में 437 रन लक्ष्य का पीछा करते हुए 358 रन पर ढेर हो गई और 78 रन के अंतर से मैच गंवा दिया। इससे पहले मीरपुर में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में पाकिस्तानी टीम को 104 रन के अंतर से हार मिली थी। 0-2 के अंतर से सीरीज गंवाने के बाद कप्तान शान मसूद की कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
शान मदूस (फोटो क्रेडिट Bangladesh Cricket X)
WTC अंक तालिका में आठवें पायदान पर पहुंचा पाकिस्तान
पाकिस्तान की टीम का बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में 0-2 के अंतर से हार का सामना करने के बाद वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के चौथे चक्र में हाल बेहाल हो गया है। पाकिस्तानी टीम अंक तालिका में आठवें पायदान पर पहुंच गई है। उसके खाते में 4 टेस्ट में तीन हार और एक जीत के साथ 4 अंक हैं। उसे 8 डिमेरिट प्वाइंट भी मिले थे। अंक तालिका में पाकिस्तानी टीम अब केवल वेस्टइंडीज से ऊपर है।
कप्तानी से इस्तीफा दे सकते हैं शान मसूद
जियो टीवी के हवाले से खबर आ रही है कि शान मसूद टेस्ट टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे सकते हैं। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार के बाद कहा है कि उन्होंने टीम का कप्तान बनना रेड बॉल क्रिकेट की बेहतरी के लिए स्वीकार की थी। सीरीज में हार के बाद प्रेस कॉन्फेंस में मसूद ने कहा, कप्तानी के बारे में फैसला पाकिस्तान किकेट बोर्ड करता है, लेकिन वो पीसीबी के साथ कुछ मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट में बेहतरी था। ये जरूरी नहीं है कि आप कुर्सी पर केवल निर्णय लेने के लिए बैठें। टेस्ट क्रिकेट में बेहतरी के लिए लगातार प्रयास करने पड़ते हैं क्रिकेट का विकास बदलाव के साथ नहीं हो सकता।
मसूद की कप्तानी में ऐसा रहा पाकिस्तान का प्रदर्शन
शान मदूस की कप्तानी में पाकिस्तान का टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। दिसंबर 2023 में टीम की कमान संभालने के बाद उन्हें लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा है। उनकी कप्तानी में खेले 16 टेस्ट में से पाकिस्तान को केवल 4 में जीत मिली जबकि 12 में उसे हार का सामना करना पड़ा। उनकी कप्तानी में टीम का जीत प्रतिशत 25 प्रतिशत रहा है। टीम या तो टेस्ट जीती है या हारी है। मसूद की कप्तानी में टीम केवल एक भी टेस्ट में बराबरी नहीं कर सकी।
