नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट इतिहास में 29 मार्च का दिन अपने आप में बेहद खास है। आज ही के दिन टीम इंडिया के धाकड़ सलामी बल्लेबाज और नजफगढ़ के नवाब के नाम से विख्यात वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट इतिहास में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने थे। उन्होंने ये कारनामा पाकिस्तान के खिलाफ उसके घर पर मुल्तान में खेले गए टेस्ट में किया था। इसके साथ ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मुल्तान का सुल्तान कहकर भी संबोधित किया जाने लगा।
वीरेंद्र सहवाग
पाकिस्तानी पेस बैटरी के छुड़ाए थे छक्के
वीरेंद्र सहवाग की इस उपलब्धि को हासिल किए दो दशक से ज्यादा गुजर गए हैं लेकिन भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के जेहन में उस मैच और सहवाग के तिहरे शतक की यादें आज भी ताजा हैं। जिस अंदाज में उन्होंने पाकिस्तान की धाकड़ पेस बैटरी के छक्के छुड़ाए थे उसने उनके तिहरे शतक को और भी खास बना दिया था।
आकाश चोपड़ा और सहवाग ने की थी शतकीय शुरुआत
भारतीय टीम राहुल द्रविड़ की कप्तानी में पाकिस्तान दौरे पर पहुंची थी। सीरीज का पहला टेस्ट मैच मुल्तान में 28 मार्च को शुरू हुआ। मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया को आकाश चोपड़ा और वीरेंद्र सहवाग की जोड़ी ने शतकीय शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 160 रन की साझेदारी की। सहवाग जहां एक छोर पर शोएब अख्तर, मोहम्मद सामी, शब्बीर अहमद और अब्दुल रज्जाक के छक्के छुड़ा रहे थे वहीं दूसरी तरफ आकाश चोपड़ा सधे हुए अंदाज में रन बना रहे थे।
107 गेंद में पूरा किया सहवाग ने सैकड़ा
सहवाग ने पहले ही दिन 107 गेंद में 14 चौके और 6 चौकों के साथ अपना शतक पूरा कर लिया था। आकाश चोपड़ा के आउट होने के बाद राहुल द्रविड़ भी जल्दी पवेलियन लौट गए। ऐसे में सहवाग को सचिन तेंदुलकर का साथ मिला। सचिन और सहवाग दोनों ने शानदार बल्लेबाजी की। सहवाग ने इस दौरान अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया। सहवाग पहले दिन का खेल खत्म होने पर 228 रन बनाकर और सचिन 60 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। पहले दिन सहवाग ने पाकिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी पारी खेलने का संजय मांजरेकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
सचिन ने दी थी हवा में शॉट नहीं खेलने की सलाह
दूसरे दिन सहवाग और सचिन की जोड़ी बल्लेबाजी के उतरी और सहवाग ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी जारी रखी। सहवाग ने 299 गेंद पर अपने 250 रन पूरे किए। वहीं सचिन ने 209 गेंद में अपना शतक पूरा कर लिया। ऐसे में सहवाग तिहरे शतक की ओर बढ़ते दिखे तो सचिन ने उनसे हवा में शॉट नहीं मारने को कहा और लगातार उन्हें समझाते रहे औरवो धीरे-धीरे तीन सौ के आंकड़े की तरफ बढ़ते गए।
सकलैन की गेंद पर छक्क जड़कर बने मुल्तान के सुल्तान
सहवाग ने सचिन से कहा सकलैन बॉलिंग करने आएगा तो मैं उसके खिलाफ छक्का मारूंगा और उन्होंने वैसा ही किया। उन्होंने सकलैन के खिलाफ छक्का जड़कर अपना तिहरा शतक पूरा किया और ये उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय बनगए। सहवाग ने इस दौरान 38 चौके और 6 छक्के जड़े। सहवाग की पारी 309 रन पर खत्म हुई लेकिन इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो गई।
