18 मार्च 2018 की तारीख भारतीय फैंस के दिलो-दिमाग में इस तरह छाई हुई है जिसके बारे में आज भी सोचने पर फैंस रोमांच से भर जाते हैं। मौका था निदहास ट्रॉफी के फाइनल का और भारतीय टीम, बांग्लादेश के खिलाफ हार के कगार पर खड़ी थी, लेकिन ड्रेसिंग रूम में बैठे दिनेश कार्तिक के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।
दिनेश कार्तिक(निदहास ट्रॉफी फाइनल)
भारत के सामने 167 रन का लक्ष्य
भारत के सामने जीत के लिए 167 रन का लक्ष्य था, लेकिन बांग्लादेश के गेंदबाजों के सामने भारत के बल्लेबाज सरेंडर कर चुके थे। 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर मनीष पांडे के रूप में 5वां विकेट गिरा, जब भारत को 12 गेंद में 34 रन की दरकार थी और टीम हार के कगार पर खड़ी थी। मैदान पर दिनेश कार्तिक (DK) की एंट्री हुई जिन्होंने बांग्लादेश की जबड़े से जीत छीन ली और भारत को चैंपियन बना दिया।
12 गेंद में बनाए थे 34 रन
19वां ओवर रुबेल होसेन ने डाला, जिसमें कार्तिक ने 2 छक्के और 2 चौके के साथ 22 रन बटोरे और भारत की जीत की उम्मीदों को जगा दिया। लेकिन अब भी भारत को जीत के लिए आखिरी 6 गेंद में 12 रन बनाने थे और क्रीज पर कार्तिक का साथ दे रहे थे विजय शंकर।
आखिरी ओवर का रोमांच
आखिरी ओवर में गेंद सौम्य सरकार के हाथ में थी और स्ट्राइक पर थे विजय शंकर, लेकिन पहली गेंद वाइड थी। दूसरी गेंद डॉट बॉल थी, जिसने फैंस की धड़कनों को बढ़ा दिया। पूरा स्टेडियम डीके-डीके का नारा लगा रहा थी। दूसरी गेंद पर शंकर ने एक रन लेकर स्ट्राइक कार्तिक को दी। तीसरी गेंद सरकार ने एक दम ठिकाने पे डाली नतीजा कार्तिक केवल एक रन ही ले पाए।
अब टीम इंडिया को 3 गेंद पर 9 रन चाहिए थे। चौथी गेंद पर शंकर ने चौका लगाकर काम थोड़ा आसान जरूर किया, लेकिन अगली ही गेंद पर अपना विकेट गंवाकर भारत को मुश्किल में फंसाकर चलते बने। कार्तिक स्ट्राइक पर थे और भारत को आखिरी गेंद पर 5 रन चाहिए थे, लेकिन फिर कार्तिक ने वो किया जो उन्होंने 19वें ओवर में रूबेल होसेन के साथ किया। कार्तिक ने छक्का लगाकर बांग्लादेश की जबड़े से जीत छीन ली।
On this day in 2018, India needs 5 from last ball in Nidahas Trophy final and Dinesh Karthik hit a six to won the m… t.co/IAmRrH2h3h
— ANI (@ANI) Mar 18, 2023
DK की 29 रन की पारी बन गई ऐतिहासिक
दिनेश कार्तिक की 8 गेंद पर 29 रन की यह पारी वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे बेस्ट फिनिशर के तौर पर याद की जाती है। इतना ही नहीं उनकी यह पारी उनके करियर का ट्रेडमार्क भी बन गया।
