20 जून 1999, एक ऐसी तारीख जब स्टीव वॉ के नेतृत्व नें ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती। फाइनल मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ था और उसकी गेंदबाजी लाइनअप को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के लिए यह मुकाबला आसान बिल्कुल नहीं था, लेकिन इसे आसान बनाया ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज शेन वॉर्न ने जिन्होंने पाकिस्तान टीम को उतना स्कोर बनाने ही नहीं दिया, जिसे वह डिफेंड करने के बारे में सोच भी सके।
1999 वर्ल्ड कप फाइनल (साभार-Twitter)
शेन वॉर्न की फिरकी में फंसा पाकिस्तान
पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शेन वॉर्न की गेंद ऐसे घूमी, जिसका जवाब पाकिस्तान के किसी भी बल्लेबाज के पास नहीं था। नतीजा टीम 39 ओवर में केवल 132 रन बनाकर ढेर हो गई। पाकिस्तान की ओर से सर्वाधिक 22 रन की पारी एजाज अहमद ने खेली। उनके अलावा अब्दुल रज्जाक ने 17 और सईद अनवर ने 15 रन बनाए। शेन वॉर्न ने 9 ओवर की गेंदबाजी में 33 रन देकर 4 विकेट झटके। वॉर्न के अलावा ग्लेन मैकग्रा ने और टॉम मूडी ने 2-2 विकेट चटकाए।
8 विकेट से जीता ऑस्ट्रेलिया
133 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया टीम ने केवल 2 विकेट खोकर 20.1 ओवर में जीत हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मार्क वॉ 37 और डेरन लेहमन ने नाबाद 13 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सर्वाधिक 54 रन की पारी विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने खेली। उन्होंने पहले विकेट के लिए 10.1 ओवर में मार्क वॉ के साथ मिलकर 75 रन की शुरुआत दी।
