20 मार्च 1951 को भारत को पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले और कपिल देव के जोड़ीदार मदन लाल का जन्म हुआ था। गेंदबाजी में मदन लाल, कपिल देव के लिए उस हथियार की तरह थे, जिन्होंने कभी भी निराश नहीं किया। शायद यही कारण था कि वह कई सालों तक नई गेंद से गेंदबाजी में कपिल के सबसे अच्छे जोड़ी दार रहे। उनकी यह जोड़ी 1974 से 1986 के बीच 39 टेस्ट मैच तक सफलतापूर्व चली।
1983 वर्ल्ड कप टीम
1983 वर्ल्ड कप जीत के हीरो
टीम इंडिया ने जब पहली बार 1983 में लॉर्ड्स के मैदान पर वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप जीता तो उस मैच में भी यह जोड़ी हीरो की तरह उभरे। मदन लाल ने इस मैच में 31 रन देकर 3 विकेट झटके। इन 3 विकेट में एक द ग्रेट विवियन रिचर्ड्स का भी विकेट था, जिनका कैच लपका था, उनके जोड़ीदार कपिल देव ने, जो भारत के वर्ल्ड चैंपियन बनने में टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।
मदन लाल का क्रिकेट करियर
मदन लाल के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने 39 टेस्ट मैच में 22 की औसत से 1,042 रन बनाए और 71 विकेट झटके। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए 67 वनडे मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने 19.1 की औसत से 401 रन बनाए और 73 विकेट हासिल किए। फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बात करें तो उनके नाम 10,204 रन है, जिसमें उन्होंने 22 शतक मारे हैं और कुल 625 विकेट लिए हैं।
मदन से कैसे बने मदद लाल?
मदन लाल को लेकर ऐसे किस्से कहे जाते हैं कि टीम के साथी खिलाड़ी उन्हें मदद के नाम से बुलाते थे। मदन ने मदद तक का सफर अपनी उपयोगिता साबित करते किया था। वह किसी भी क्रम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी कर सकते थे।
कोचिंग में भी आजमाया हाथ
यह क्रिकेट से उनका प्यार ही था कि उन्होंने रिटारयरमेंट के बाद पहले यूएई और फिर भारतीय क्रिकेट टीम को भी कोचिंग दी। हालांकि भारतीय क्रिकेट टीम के कोच के तौर पर उनका कार्यकाल छोटा रहा। उन्होंने सितंबर 1996 से सितंबर 1997 तक भारतीय टीम को कोचिंग दी।
एक्टिंग में भी आजमाई किस्मत
हैंडसम दिखने वाले मदन लाल ने एक्टिव में भी अपनी किस्मत आजमाई। 2013 में उन्होंने एक क्राइम शो 'हम ने ली है शपथ' में एक्टिंग की। हाल ही में 1983 वर्ल्ड कप पर बनी फिल्म में हार्डी संधू ने उनका किरदार निभाया था, जिसे खूब पसंद भी किया गया।
