बॉलीवुड ने एक ऐसा हीरो खो दिया है जो किसी 'हीरे' से कम नहीं था। नाना पाटेकर वो चर्चित चेहरा थे जिनकी अदाकारी के सब दीवाने थे, आज तड़के वो दुनिया छोड़ गए और अपने पीछे तमाम यादें छोड़ गए। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया।
नाना पाटेकर का खेलों से जुड़ाव (AP/Instagram)
पणजी के पास डोना पाउला स्थित अपने अपार्टमेंट में बेहोश पाए जाने के बाद 75 वर्षीय अभिनेता को एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शेखर सालकर ने यह जानकारी दी। सालकर ने बताया कि लगातार 45 मिनट तक ’सीपीआर’ दिए जाने के बावजूद पाटेकर होश में नहीं आए। उन्होंने बताया कि ’मेडिको-लीगल’ मामला दर्ज किया गया है और शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पाटेकर को सुबह करीब पांच बजकर 10 मिनट पर मृत घोषित किया गया।
खेलों से था खास लगाव, खुद एक शानदार शूटर थे
नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज भी रह चुके थे। कम ही लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि नाना पाटेकर शूटिंग की दुनिया में 'Renowned Shot' नाम से भी जाना जाता था, ये नाम उनको इसलिए दिया गया था क्योंकि एक शूटिंग प्रतियोगिता में उन्होंने 49 शूटर्स में 13वां पायदान हासिल किया था जिससे वो ड्यूटी-फ्री राइफल इमपोर्ट करने के लिए क्वालीफाई हो गए थे।
शूटिंग में नाना पाटेकर की सफलताएं
- नाना पाटेकर ने साल 2004 में इंदौर में आयोजित हुई राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप के प्री नेशनल्स/बिग बोर इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।
- नाना ने 2004 से 2014 के बीच कई राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया, जिसमें सीआरपीएफ अकादमी, खड़गपुर में आयोजित नेशनल ओपन शूटिंग चैंपियनशिप जैसा खास टूर्नामेंट भी शामिल था।
- नाना पाटेकर ने 2007 में महाराष्ट्र शूटिंग टीम का हिस्सा रहते हुए 50वीं राष्ट्रीय 300 मीटर बिग बोर शूटिंग चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था।
क्रिकेट से जुड़ाव और विराट कोहली के दीवाने
नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में ये खुलासा किया था कि बचपन में वो मुंबई के शिवाजी पार्क में जाकर खूब क्रिकेट खेला करते थे, लेकिन उन दिनों आर्थिक तंगी के कारण वो कभी प्रोफेशनल कोच से नहीं सीख सके। वो शिवाजी पार्क में जाते थे और खिलाड़ियों को खेलते देखकर सीखने का प्रयास करते थे। उन्हें ऑफ-स्पिन बॉलिंग करना पसंद था।
उन्होंने एक बार बताया था कि वो दिग्गज भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली के कितने बड़े फैन हैं। वो विराट की बैटिंग देखने से कभी नहीं चूकते थे, लेकिन उनके मुताबिक इससे उनके खान-पान पर भी असर पड़ता था क्योंकि विराट कोहली के आउट होने के बाद वो एक समय का खाना तक छोड़ देते थे। नाना मानते थे कि क्रिकेट और अभिनय में काफी समानता है, दोनों ही पेशे किसी परीक्षा की तरह हैं।
