रांची: भारत के युवा आतिशी क्रिकेट खिलाड़ी ईशान किशन रविवार को अपने घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक जड़ने से महज 7 रन के अंतर से चूक गए। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए 84 गेंद में 93 रन की नाबाद पारी खेली। लेकिन टीम के 7 विकेट के अंतर से जीत दर्ज करने के बाद उन्हें अपने शतक पूरा नहीं कर पाने का कोई कोई मलाल नहीं हैं।
आसानी से जड़ सकता हूं छक्के तो...
ईशान किशन ने अपनी आतिशी पारी के दौरान 4 चौके और 7 गगन चुंबी छक्के जड़े। ऐसे में उनका मानना है कि अगर कोई खिलाड़ी आसानी से छक्के जड़ सकता है तो स्ट्राइक रोटेट करने की जरूरत नहीं है। 24 वर्षीय ईशान ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, कुछ खिलाड़ियों की ताकत स्ट्राइक रोटेट करना होती है। मेरी ताकत छक्के जड़ना है। अगर मैं आसानी से छक्के जड़ सकता हूं और बहुत से लोग ऐसा नहीं कर सकते हैं। अगर मैं अपना काम छक्के जड़कर कर सकता हूं तो स्ट्राइक रोटेट करने के बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है।'स्ट्राइक रोटेट करना भी कई मौकों पर होता है अहम
ईशान ने आगे कहा, अगर आपकी ताकत छक्के जड़ना हो तो ऐसा करिए। स्ट्राइक रोटेट करने की क्या जरूरत है। लेकिन कई बार ऐसे मौके भी आते हैं जब स्ट्राइक रोटेट करना अहम होता है। खासकर तब जब दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिर रहे हों।' उन्होंने आगे कहा, निश्चित तौर पर स्ट्राइक रोटेट करना जरूरी है। मैं सात रन भागकर अपना शतक पूरा कर सकता था लेकिन मैं उस जोन में मैच के दौरान कभी नहीं गया जब मैं खुद के लिए खेलता। अगर मैं देश का प्रतिनिधित्व करते हुए व्यक्तिगत स्कोर के बारे में सोचता हूं तो मैं ऐसा करके अपने फैन्स को निराश करूंगा।टीम मैनेजमेंट ने ईशान किशन को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का मौका दिया है। 24 वर्षीय ईशान लखनऊ में खेले गए पहले वनडे में तो नाकाम रहे लेकिन रांची में अपने घरेलू मैदान पर 84 गेंद में 93 रन की पारी खेलने में सफल रहे।
