स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जसप्रीत बुमराह की बार-बार इंजरी और वर्कलोड मैनेजमेंट पर पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने बड़ा बयान दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बीच में और अब श्रीलंका के खिलाफ पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर होने पर दिग्गज क्रिकेटर ने चिंता जताई है। साथ ही टीम मैनेजमेंट को सलाह दी है कि बुमराह की आधी-अधूरी फिटनेस के साथ सीरीज खेलने के बजाय उन्हें लंबा ब्रेक दे दें और शमी और भुवी की वापसी हो।
बुमराह को रेस्ट दिए जाने की मांग। फाइल फोटो
भारत के लिए दो वर्ल्ड कप (1975 और 1979) खेल चुके करसन घावरी ने सेलेक्टर्स से अपील की है कि जब तक बुमराह 100 प्रतिशत फिट न हों उन्हें किसी बड़े टूर्नामेंट या सीरीज में शामिल न किया जाए। उन्होंने कहा कि आधे-फिट होकर खेलने से टूर्नामेंट के बीच में चोट गंभीर हो जाती है, जिससे खिलाड़ी और टीम दोनों का नुकसान होता है।
'आधे-अधूरे फिट होने से नुकसान'
मिड-डे से बात करते हुए कहा, बुमराह को पांच से छह महीने या एक साल का ब्रेक लेना चाहिए और 100 परसेंट फिटनेस हासिल करनी चाहिए। दिक्कत यह है कि वह आधे-अधूरे फिट होने पर भी टूर्नामेंट में जाते हैं और फिर, वर्कलोड मैनेजमेंट की वजह से, आधे रास्ते में ही ब्रेकडाउन हो जाता है। इसकी जरूरत नहीं है। अगर वह पूरे टूर्नामेंट में अपना वर्कलोड मैनेज कर पाते हैं, तभी उन्हें टीम में शामिल किया जाना चाहिए।
'शमी और भुवी की हो वापसी'
बुमराह की चोट की दिक्कतों को देखते हुए, भारत के पूर्व तेज गेंदबाज करसन घावरी ने मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार को नेशनल टीम में वापस लाने का सुझाव दिया है। घावरी ने कहा कि बुमराह की बार-बार चोट लगने की चिंता न तो इस तेज गेंदबाज के लिए और न ही भारतीय टीम के लिए अच्छा संकेत है।
'बार-बार चोट अच्छे संकेत नहीं'
घावरी ने आगे कहा, शमी और भुवी IPL में बिना चोट के लगातार खेल रहे हैं और उन्हें नेशनल टीम में वापस आना चाहिए। सिलेक्टर्स को उन पर विचार करना चाहिए। सभी तेज गेंदबाजों को छोटी-मोटी चोटें लगती हैं, लेकिन बुमराह पिछले दो-तीन सालों से खेल नहीं पा रहे हैं। उन्होंने मुश्किल से ही पूरी सीरीज़ खेली है। यह उनके या देश के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
बुमराह टेस्ट सीरीज बाहर
गौरतलब हो कि पिछले ढाई साल के दौरान बुमराह कई बड़े टूर्नामेंट मिस कर चुके हैं। साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल के बाद इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी वापसी हुई। हालांकि, दूसरे मैच में उन्हें चोट लग गई, जिसके कारण वह तीसरा मैच नहीं खेल पाए। श्रीलंका के खिलाफ उनका टेस्ट टीम में भी चयन हुआ, लेकिन चोट उभर आने के चलते वह टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए।
