चार दशक से खामोश श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में फिर गुंजेगा क्रिकेट का शोर, फैंस को मिलेगा फ्री टिकट

जम्मू-कश्मीर पहली बार ईरानी ट्रॉफी की मेजबानी करके इतिहास रचेगा। शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में कई सुधार किए गए हैं और अब यहां लगभग 5000 दर्शकों के बैठने की जगह है। क्रिकेट फैंस 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर मु्फ्त टिकट पा सकते हैं। साथ ही, इवेंट के दौरान दर्शकों और अधिकारियों दोनों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं में भी बड़े सुधार किए गए हैं।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट फैंस का करीब चार दशक लंबा इंतजार खत्म होने जा रहा है। श्रीनगर का शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम पहली बार ईरानी कप की मेजबानी करेगा। 1 से 5 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर और रेस्ट ऑफ इंडिया के बीच पांच दिवसीय मुकाबला खेला जाएगा। इस मुकाबले के साथ स्टेडियम में करीब 40 साल बाद टॉप-लेवल क्रिकेट की वापसी होगी। इससे पहले यहां आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 9 सितंबर 1986 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था।

Sher i Kashmir Stadium

शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम को मिली ईरानी कप की मेजबानी।

1983 में हुई थी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत

शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 13 अक्टूबर 1983 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे के रूप में खेला गया था। मैच के दौरान लंच ब्रेक में पिच से छेड़छाड़, बारिश और धूल भरी आंधी ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके बावजूद डेसमंड हेन्स के नाबाद 55 रन की मदद से वेस्टइंडीज ने मुकाबला जीत लिया था। तीन साल बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने हुए। एलन बॉर्डर की नाबाद 90 रन की पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने भारत को तीन विकेट से हराया। इसके बाद इस मैदान पर कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं हुआ।

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