अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने श्रीलंका क्रिकेट की आईसीसी सदस्यता को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है। आईसीसी बोर्ड की आज हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड पर आईसीसी सदस्य के रूप में अपने दायित्वों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। आपको बता दें कि आईसीसी नियम के तहत अपने मामलों को स्वायत्त रूप से प्रबंधित करने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इसके गवर्नेंस, रेगुलेशन और एडमिनिस्ट्रेशन में कोई सरकारी हस्तक्षेप नहीं हो। लेकिन पिछले कुछ दिनों में इसका उल्लंघन किया गया है।
6 नवंबर को बोर्ड किया गया था बर्खास्त
भारत के खिलाफ बड़ी हार के बाद श्रीलंका सरकार ने क्रिकेट बोर्ड को बर्खास्त कर दिया गया था, जिसके खिलाफ एसएलसी ने अदालत में अर्जी लगाई थी। इस अर्जी पर 24 घंटे बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए फैसले पर रोक लगा दी थी और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को फिर से बहाल कर दिया गया था। लेकिन अब आईसीसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसकी सदस्या रद्द कर दी है।आईसीसी की अगली बैठक में फैसला
इस पूरे मसले पर अब आईसीसी अगली चर्चा अहमदाबाद में 18-21 नवंबर के बीच होने वाली बैठक में करेगी। शुक्रवार को हुए वर्चुअल मीटिंग में आईसीसी, श्रीलंका बोर्ड में वहां की सरकार द्वारा किए जा रहे हस्तक्षेप से चिंतित नजर आई। आईसीसी ने माना कि सरकारी हस्तक्षेप आईसीसी संविधान में निर्धारित शर्तों के खिलाफ था। आईसीसी ने एसएलसी को अपने फैसले की जानकारी दे दी है। 21 नवंबर को आईसीसी बोर्ड की बैठक में अगले कदम पर फैसला किया जाएगा।
क्या होगा असर?
जनवरी-फरवरी महीने 2024 में श्रीलंका को अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी करनी है। ऐसे में जब तक आईसीसी बोर्ड का निलंबन वापस नहीं लेती श्रीलंका इसकी मेजबानी नहीं कर सकेगा।
