IND A vs AUS A: युवा तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह, अरशद खान और यश ठाकुर के लिए मंगलवार से शुरू हो रही ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मौका है। टीम इंडिया इस समय तेज गेंदबाजी विभाग में संसाधनों की कमी से जूझ रही है और ये तीनों युवा पेसर अपनी दावेदारी ठोकना चाहेंगे। इस सीरीज में सबसे ज्यादा चर्चा हार्दिक पंड्या की वापसी को लेकर थी, लेकिन दाहिनी पिंडली की चोट के कारण वह अनिश्चितकाल के लिए बाहर हो गए हैं। हार्दिक के बाहर होने के बाद तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की जगह खाली है। फिलहाल इस रोल में नीतीश कुमार रेड्डी और सूर्यांश शेडगे ही विकल्प हैं।
यश ठाकुर, अरशद खान और गुरजनप्रीत सिंह (फोटो साभार- BCCI)
पांड्या की जगह शेडगे हुए शामिल
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब पूरा करने वाले शेडगे को ही पंड्या की जगह इंडिया 'ए' में शामिल किया गया है। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली इंडिया 'ए' टीम में बैटिंग का अनुभव भरपूर है। गायकवाड़ के अलावा देवदत्त पडिक्कल, बी. साई सुदर्शन और रजत पाटीदार सीनियर टीम के लिए खेल चुके हैं। वहीं नमन धीर के वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टी20 टीम में जाने के बाद लगातार अच्छा करने वाले अनुकूल रॉय को भी 'ए' टीम में लाया गया है। लेकिन प्रज्ञान ओझा की अगुवाई वाली चयन समिति की असली नजर गेंदबाजों पर है।
खास बात ये है कि गुरजपनीत और अरशद दोनों लेफ्ट-आर्म पेसर हैं, जबकि यश ठाकुर राइट-आर्म से गेंदबाजी करते हैं। अरशद ने श्रीलंका में हुई ट्राई-सीरीज में डेथ ओवरों में कमाल की बॉलिंग की थी और वह नीचे बैटिंग भी कर लेते हैं। तीनों का लिस्ट-ए रिकॉर्ड शानदार है। गुरजपनीत ने 9 मैचों में 17 विकेट, अरशद ने 11 मैचों में 15 विकेट लिए हैं। यश ठाकुर सबसे अनुभवी हैं, 57 मैचों में 90 विकेट। सबसे बड़ी बात, तीनों का इकॉनमी रेट 6 से कम है, जो वनडे में बहुत प्रभावशाली है।
आकिब नबी और अंशुल कंबोज रहे फेल
सामने ऑस्ट्रेलिया 'ए' की मजबूत बैटिंग है, जिसमें सैम कोंस्टास और नाथन मैकस्वीनी जैसे सीनियर टीम के लिए खेल चुके खिलाड़ी हैं। ऐसे में इन युवाओं का टेस्ट होगा। दरअसल, नए विकल्प आकिब नबी और अंशुल कंबोज डेब्यू में फेल रहे, गुरनूर बराड़ अभी स्ट्रगल कर रहे हैं, प्रसिद्ध कृष्णा में निरंतरता नहीं, सिराज फॉर्म से बाहर और हर्षित राणा चोटों से परेशान हैं। ऐसे में जसप्रीत बुमराह को छोड़ दें तो न्यूजीलैंड दौरे से पहले किसी भी पेसर की जगह पक्की नहीं है। ये सीरीज गुरजपनीत, अरशद और यश के लिए सिलेक्शन का दरवाजा खोल सकती है।
