पर्थ: साउथ अफ्रीका ने रविवार को टी20 वर्ल्ड कप में भारत के विजयी रथ पर रोक लगा दी। टेंबा बावुमा के नेतृत्व वाली दक्षिण अफ्रीका के हाथों भारतीय टीम को दो गेंदें शेष रहते पांच विकेट की शिकस्त झेलनी पड़ी। पर्थ की तेजतर्रार पिच पर भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 133 रन बनाए। जवाब में प्रोटियाज टीम ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर जीत दर्ज करने में कामयाब हो गई। इस जीत से दक्षिण अफ्रीका ग्रुप-2 में न केवल शीर्ष पर पहुंच गई है बल्कि उसके सेमीफाइनल में पहुंचने के अवसर प्रबल हो गए हैं। वहीं भारतीय टीम दूसरे स्थान पर खिसक गई है और उसे सेमीफाइनल में क्वालीफाई करने के लिए अगले मैचों में पूरा जोर लगाना होगा।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ लो स्कोरिंग मैच में भारतीय टीम की कई कमियां खुलकर सामने आई, जिसने फैंस को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इन गलतियों के सहारे कैसे खिताब जीता जा सकेगा। टीम इंडिया की पकड़ में मुकाबला था, लेकिन मुकाबले में कई ऐसी चूक हुई, जिसका उसे खामियाजा भुगतना पड़ा। चलिए बताते हैं कि भारतीय टीम की कौन सी गलतियां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में खुलकर सामने आईं।
1) केएल राहुल बने सिरदर्द - टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल सिरदर्द बनते जा रहे हैं। वह लगातार तीसरे मैच में फ्लॉप हुए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ राहुल केवल 9 रन बनाकर आउट हुए। राहुल ने टूर्नामेंट से पहले अच्छा फॉर्म दिखाया था, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा का ही उन पर दबाव बन चुका है और वो रन नहीं बना पा रहे हैं। इसके अलावा फील्डिंग में भी राहुल चुस्त नजर नहीं आ रहे हैं। राहुल का लय में लौटना जरूरी है, वरना भारतीय टीम को रोहित शर्मा के साथ किसी ओर को ओपनिंग पर आजमाने में ज्यादा विचार नहीं करना चाहिए।
2) खराब फील्डिंग - भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले में एडेन मार्करम बेहद भाग्यशाली रहे। मार्करम ने 52 रन बनाए, लेकिन इस बीच उन्हें तीन से चार जीवनदान मिले। रोहित शर्मा ने मिडविकेट से उन्हें नॉन स्ट्राइकर्स एंड पर रन आउट करने का मौका गंवाया। विराट कोहली ने अश्विन की गेंद पर मार्करम का बेहद आसान कैच टपकाया। फिर सूर्यकुमार यादव ने शॉर्ट थर्ड मैन से मार्करम के रन आउट का मौका गंवाया। रोहित शर्मा ने शॉर्ट मिडविकेट से दौड़कर स्ट्राइकर एंड पर मार्करम को रन आउट करने का मौका गंवाया। भारत को यह गलतियां काफी भारी पड़ी क्योंकि मार्करम ने डेविड मिलर के साथ चौथे विकेट के लिए 52 रन की अहम साझेदारी करके प्रोटियाज टीम की वापसी कराई थी।
3) बीच के ओवरों में विकेट नहीं लेना - टीम इंडिया के गेंदबाजों ने शुरूआती 10 ओवर में अपना दबदबा बनाए रखा था। तब तक स्पष्ट रूप से दिख रहा था कि भारत ड्राइविंग सीट पर है, लेकिन फिर मार्करम और मिलर ने बाजी पलटी। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी करके टीम की जोरदार वापसी कराई। भारत को यहां सबसे ज्यादा कमी खली कि उसका कोई गेंदबाज बीच के ओवरों में विकेट नहीं निकाल सका। रविचंद्रन अश्विन फ्रंटलाइन गेंदबाज होने के बाद विकेट नहीं निकाल सके। रोहित शर्मा का कोई दांव काम नहीं आया और बीच के ओवरों में विकेट नहीं ले पाने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा। अगर भारत बीच के ओवरों में विकेट ले लेता तो वह निश्चित ही प्रोटियाज टीम पर दबाव बनाए रखता और मैच जीत सकता था।
