भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट के नुकसान पर 288 (73 ओवर) रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। दिन का खेल खत्म होने तक देवदत्त पडिक्कल 131 रन और ऋषभ पंत 27 रन बनाकर खेल रहे थे। पडिक्कल ने 134 गेंद में अपना शतक 9 चौके और एक छक्के की मदद से अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया। दोनों तीसरे विकेट के लिए 52(67) रन की साझेदारी कर चुके हैं।
देवदत्त पडिक्कल (साभार-x)
इससे पहले केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 150 रनों की साझेदारी की और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। राहुल 162 गेंद में 77 रन की पारी खेल कर रिटायर्ड हर्ट हुए। राहुल को दाएं हाथ में दर्द के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा। उन्होंने 127 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वह शुरुआत में तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा के खिलाफ थोड़ा असहज नजर आए। उनकी गेंद पर राहुल का बल्ला चूका और एक किनारा भी लगा लेकिन गेंद गली के क्षेत्ररक्षक के सामने ही गिर गई। इस गेंदबाज के खिलाफ राहुल के शानदार पुल शॉट से चौका मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ता नजर आया। उसके बाद दोबारा उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
पडक्किल ने कदमों का इस्तेमाल करते हुए उनकी गेंद पर शानदार छक्का जड़ा। उन्होंने 81 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद राहुल ने भी जयसूर्या की गेंद को सीधे उनके सिर के ऊपर से छक्के के लिए भेजा और अगली ही गेंद को उसी दिशा में चौके के लिए बाउंड्री के पार पहुंचा दिया।
बारिश ने डाला खलल
बारिश और मैदान गीला होने के कारण राहुल और पडिक्कल को दूसरे सत्र में दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरने के लिए एक घंटे 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। लेकिन जैसे ही धूप खिली और मैदान खेलने लायक हुआ, दोनों बल्लेबाजों को रोकना श्रीलंकाई गेंदबाजों के लिए मुश्किल साबित हुआ। दोनों सत्रों में श्रीलंका को खुशी का केवल एक मौका मिला और वह भी राहुल तथा यशस्वी जायसवाल (32 गेंद गेंद में 37 रन) के बीच तालमेल की कमी के कारण। जायसवाल को रन आउट हो कर पवेलियन लौटना पड़ा।
