Kane Williamson runout controversy: क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन के रनआउट नहीं दिए जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। दरअसल न्यूजीलैंड की पारी के 18वें ओवर में विलियमसन रनआउट होते होते बच गए। उनके क्रीज पर पहुंचने से पहले ही स्टंप की लाइट भी जल गई लेकिन फिर भी उन्हें नॉटआउट करार दे दिया गया।
केन विलियमसन (फोटो- icc/ap)
दरअसल 18वें ओवर की पांचवीं गेंद पर केन विलियमसन और डेरिल मिचेल के बीच रन लेने को लेकर कंफ्यूजन खड़ा हो गया जिसके बाद अचानक विलियमसन को पलट कर वापस जाना पड़ा। केन क्रीज पर पहुंचते इससे पहले ही स्टंप की लाइट जल गई। भारतीय टीम ने जोरदार अपील की और अंपायर ने इसे थर्ड अंपायर की ओर भेज दिया।
केन विलियमसन को मिला जीवनदान
दरअसल रिप्ले में देखा गया कि विलियमसन का बैट पहुंचने से पहले ही स्टंप की लाइट जल गई है। लेकिन इसे स्लो मोशन में देखने पर पता चलता है कि बॉल के स्टंप से टकराने से पहले केएल राहुल का हाथ स्टंप पर लग गया था। ऐसे में जब गेंद स्टंप तक पहुंची तब तक विलियमसन अंदर पहुंच गए थे। इसीलिए उन्हें नॉटआउट करार दे दिया गया।
क्या कहते हैं नियम ?
एमसीसी के 38.1 नियम के तहत कोई भी बल्लेबाज तब ही रनआउट करार दिया जाएगा जब वह क्रीज से बाहर है और किसी फील्डर द्वारा या फिर डायरेक्ट हिट द्वारा स्टंप को सही समय पर उखाड़ दिया गया हो। नियम के मुताबिक स्टंप पर बॉल का टच होना जरूरी है। जिस समय गेंद टच होगी उसी समय अगर बल्लेबाज का बैट क्रीज से बाहर है तो बेट्समैन आउट होगा वरना उसे नॉटआउट करार दिया जाएगा।
