Dukes ball Controversy: भारत इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में ड्यूक बॉल को लेकर क्यों मचा है हंगामा? जानिए क्या है पूरा विवाद

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैच की टेस्ट सीरीज के दौरान इस्तेमाल हो रही ड्यूक की गेंदों पर जमकर चर्चा हो रही है। जानिए क्या है पूरा विवाद और कैसे मिल सकता है समाधान?

लंदन: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैच की टेस्ट सीरीज शुभमन गिल के शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद अगर किसी चीज की चर्चा हो रही है तो वो है मैच में इस्तेमाल हो रही ड्यूक बॉल की। सीरीज में बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बीच ड्यूक की गेंद की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। गेंद जल्दी सॉफ्ट हो रही है और निर्धारित 80 ओवर तक नहीं चल पा रही है। 20 से 30 ओवर के अंतराल में उसे बदलना पड़ रहा है। लॉर्ड्स में खेले जा रहे टेस्ट मैच के शुरुआती दो दिन में सात बार गेंद बदली गई। हद तो दूसरे दिन के खेल के दौरा हुई जब भारतीय टीम ने नई गेंद के साथ दिन की शुरुआत की और महज 10.3 ओवर यानी 63 गेंद बाद गेंद को बदलना पड़ा। इसके कुछ देर बाद बदली गई गेंद को भी बदलना पड़ा। इस बार केवल 42 गेंद बाद गेंद का आकार बदल गया। ऐसे में कमेंट्री के दौरान पूर्व दिग्गजों के बीच ड्यूक गेंद की गुणवत्ता पर फिर से बहस छिड़ गई। बहस के दौरान तर्क दिए गए कि बुमराह ने दूसरे दिन की शुरुआत में 13 गेंद के अंतराल में तीन विकेट अपने नाम किए लेकिन गेंद का आकार बदलते ही भारतीय गेंदबाजों की लय खराब हो गई और इंग्लैंड के निचले क्रम के बल्लेबाजों को मैच में टीम की वापसी कराने का मौका मिल गया।

Dukes Ball

ड्यूक बॉल ( फोटो क्रेडिट dukescricket Web)

दोनों टीमों ने उठाए गेंद पर सवाल

टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल और उपकप्तान ऋषभ पंत द्वारा सार्वजनिक रूप से गेंद की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भी इस मसले पर नाखुशी जाहिर की थी। लेकिन ड्यूक गेंद के निर्माता दिलीप जाजोदिया लगातार क्वालिटी का बचाव कर रहे थे। लेकिन लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन उन्होंने गेंद की गुणवत्ता के बारे में चुप्पी तोड़ते हुए खेल के सुपरस्टार खिलाड़ियों को इस विवादास्पद विषय पर थोड़ा और धैर्य दिखाने की सलाह दी थी। हालांकि उन्होंने गेंद की गुणवत्ता में सुधार के लिए भी हामी भरी है।

End of Feed