India vs England ODI: भारत की इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत में अहम भूमिका निभाने वाले ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने कहा कि टी20 श्रृंखला के दौरान उन्होंने गेंद पर जोर से प्रहार करने को प्राथमिकता दी लेकिन वनडे में टाइमिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। अक्षर ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए पहले 9.5 ओवरों में चार विकेट लिए और फिर 52 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाए जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था।
भारत-इंग्लैंड पहले वनडे के दौरान अक्षर पटेल की शानदार पारी
भारत ने 259 रन का लक्ष्य चार विकेट से और 28 गेंद शेष रहते हासिल कर दिया, जिसमें कप्तान शुभमन गिल (80) और वाशिंगटन सुंदर (52) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए अक्षर ने जियोस्टार से कहा, "मेरे लिए इस तरह का प्रदर्शन करना बेहद जरूरी था। मैं लगातार प्रयास कर रहा था। जहां तक मेरी मानसिकता की बात है तो मुझे यह सोचने के बजाय कि सब कुछ अपने आप हो जाएगा, एकाग्र रहना था।"
उन्होंने कहा, "मुझे खुद पर भरोसा रखना था और अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल कर रहा था। मुझे लगता है कि टी20 मैचों के में मैं गेंद पर कुछ ज़्यादा ही ज़ोर से प्रहार करने की कोशिश कर रहा था।"
अक्षर ने कहा, "जब आप डेथ ओवरों में बल्लेबाजी करने जाते हैं तो आपके पास बड़े शॉट लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता, लेकिन मैं थोड़ा लय खो रहा था।"
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में अक्षर पटेल केवल 19 रन बना पाए थे। उन्होंने वनडे में अपनी रणनीति बदली और सही टाइमिंग से शॉट करने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा, "मैं गेंद को ज्यादा जोर से मारने की कोशिश नहीं कर रहा था क्योंकि मुझे पता था कि मेरे पास समय है। मैं कुछ गेंदों का आराम से खेल सकता हूं। मैं अपनी टाइमिंग पर ध्यान दे रहा था। इस तरह की विकेट पर जब आप परिस्थितियों को अच्छी तरह से समझ लेते हैं तो फिर आप रन बना सकते हैं।"
अक्षर ने कहा, "इस तरह की विकेट पर मुझे लगता है कि क्रीज पर कुछ समय बिताना बहुत महत्वपूर्ण था। ऐसी विकेटों पर आप आते ही उछलती हुई गेंदों पर शॉट नहीं खेल सकते। आपको खुद को थोड़ा समय देना होगा। उसके बाद ही आप अपने शॉट खेल सकते हैं।"
(भाषा)
