India vs Australia WTC Final 2023, Ball-Tampering: लंदन के ओवल मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजों का बुरा हाल हुआ है। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के 469 रनों पर सिमटने के बाद जवाब में उतरी टीम इंडिया ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 151 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। वहीं, दूसरी तरफ अब पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली ने एक सनसनीखेज दावा किया है। उनके मुताबिक ऑस्ट्रेलिया ने विराट कोहली (Virat Kohli) और चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) को आउट करने के लिए गेंद से छेड़छाड़ (बॉल टैंपरिंग) की थी।
ऑस्ट्रेलिया पर बॉल-टैंपरिंग का आरोप (screenshot)
भारतीय गेंदबाजों ने डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहले दिन ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती तीन विकेट सस्ते में गिरा दिए थे, लेकिन उसके बाद ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ के शतकों ने भारतीय टीम को पूरी तरह बैकफुट पर ढकेल दिया। टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई टीम को तब समेट पाई जब दूसरे दिन वो 469 रन बना चुकी थी। जवाब में उतरी टीम इंडिया ने रोहित शर्मा और शुभमन गिल के विकेट सस्ते में गंवा दिए। इसके बाद फैंस को सबसे ज्यादा उम्मीदें अपने दो दिग्गज व अनुभवी बल्लेबाजों विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा से थीं लेकिन ये दोनों धुरंधर दिन के 14वें और 15वें ओवर में सस्ते में आउट हो गए।
पारी के 14वें ओवर में कैमरन ग्रीन ने चेतेश्वर पुजारा को बोल्ड कर दिया जब वो 14 रन बनाकर खेल रहे थे। जबकि मिचेल स्टार्क ने 19वें ओवर में विराट कोहली को स्लिप में स्टीव स्मिथ के हाथों कैच आउट करा दिया। अब खलबली तब मची जब एक वीडियो वायरल होना शुरू हुआ जिसमें पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने दावा किया है कि विराट और पुजारा को पवेलियन भेजने के लिए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने गेंद से छेड़छाड़ की थी।
बासित अली ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर पोस्ट किए इस वीडियो में कहा, "सबसे पहले मैं कमेंट्री बॉक्स से मैच देख रहे कमेंटेटर्स और मैदान पर मौजूद अंपायर्स के लिए तालियां बजाना चाहूंगा। ऑस्ट्रेलिया ने साफ-साफ गेंद के साथ छेड़छाड़ की और कोई भी इसके बारे में बात नहीं कर रहा है। कोई भी बल्लेबाज नहीं सोच रहा कि आखिर ये हो क्या रहा है। सबसे बड़ा उदाहरण है कि बल्लेबाज गेंद को छोड़ते हुए बोल्ड हो रहे हैं। मैं आपको इसका सबूत भी देता हूं।"
बासित ने आगे कहा, "जब शमी गेंदबाजी कर रहे थे, तब 54वें ओवर तक गेंद पर चमक बाहर की तरफ थी और गेंद स्टीव स्मिथ को अंदर की तरफ आ रही थी। इसे रिवर्स स्विंग नहीं कहते हैं। रिवर्स स्विंग उसे कहते हैं कि जब गेंद पर चमक अंदर की तरफ हो और बॉल तब अंदर की तरफ आए।"
उन्होंने कहा कि भारतीय पारी का 16वां और 18वां ओवर बॉल टैंपरिंग का साफ-साफ सबूत रहा। पारी के 18वें ओवर में गेंद को अंपायर के कहने पर बदला गया था जब उसका आकार खराब हो गया था। अली के मुताबिक जब गेंद बदली गई, उसके बाद से ऑस्ट्रेलिया के लिए चीजें काम करना शुरू हो गईं।
बासित अली कहते हैं, "आप 16वें, 17वें और 18वें ओवर को देखिए। जिस गेंद पर विराट कोहली आउट हुए, उस दौरान गेंद पर चमक को देखिए। मिचेल स्टार्क के हाथ में गेंद थी और चमक वाला हिस्सा बाहर की तरफ था, लेकिन फिर भी गेंद बाहर की तरफ निकल रही थी। जडेजा गेंद को ऑन साइड पर मार रहे थे और गेंद पोइंट दिशा की तरफ उड़ती हुई जा रही थी। क्या अंपायरों को दिखना बंद हो गया है? पता नहीं वहां बैठकर मैच देख रहे लोगों को इतनी छोटी सी चीज नजर कैसे नहीं आई।
वहीं पुजारा के विकेट के बारे में उन्होंने कहा, "ग्रीन ने पुजारा की तरफ गेंद की चमक रखते हुए गेंद फेंकी और बॉल सीधे अंदर की तरफ चली गई? मैं दंग हूं। बीसीसीआई इतना बड़ा क्रिकेट बोर्ड है, क्या वो ये देख नहीं पा रहा। इसका मतलब ये है कि आपका ध्यान क्रिकेट पर नहीं है। उनको सिर्फ इस बात की खुशी है कि भारत फाइनल में पहुंच गया है। क्या गेंद कभी 15-20 ओवर के अंदर रिवर्स स्विंग करती है, वो भी ड्यूक बॉल? कूकाबूरा गेंद जरूर रिवर्स कर सकती है लेकिन ड्यूक गेंद कम से कम 40 ओवर तक चलती ही है।"
