Shreyanka Patil: भारत की ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल ने एक साल से ज्यादा लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर ऐसी वापसी की है जो हर खिलाड़ी के लिए मिसाल है। पाकिस्तान के खिलाफ महिला टी20 वर्ल्ड कप में 3 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर भारत की 64 रन की जीत में अहम रोल निभाने वाली श्रेयंका ने बताया कि चोट के दौरान वो डिप्रेशन से जूझ रही थीं और एक वक्त क्रिकेट छोड़ने तक का सोच लिया था।
श्रेयंका पाटिल (फोटो साभार- shreyanka_patil3)
14 महीने का मुश्किल सफर
जुलाई 2024 में एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान श्रेयंका की उंगली में फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद परेशानियां खत्म नहीं हुईं। दोनों पैरों की पिंडली में गंभीर समस्या और बाएं अंगूठे में फ्रैक्चर ने उन्हें लगभग 14 महीने तक मैदान से दूर रखा। इसी साल महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरफ से उन्होंने वापसी की। 'जियोस्टार' से बात करते हुए श्रेयंका ने कहा, "अगर मैं कहूं कि मैं डिप्रेशन में नहीं थी या क्रिकेट छोड़ने का ख्याल नहीं आया, तो झूठ होगा। शुरुआत में ऐसा ही लगा था। लेकिन अंदर से एक आवाज आई कि चाहे कुछ भी हो, मुझे ये खेल पसंद है। मैं सिर्फ इसलिए यहां हूं क्योंकि क्रिकेट से प्यार है।"
परिवार और सपोर्ट सिस्टम बना ताकत
श्रेयंका ने माना कि इस दौर से निकलने में परिवार का बड़ा हाथ रहा। "मैं उस चीज को नहीं छोड़ सकती थी जिसे करना मुझे सबसे ज्यादा पसंद है। हिम्मत बनाए रखी। पापा रोज बात करते थे। परिवार पूरे समय साथ खड़ा रहा। मेरे आसपास हमेशा अच्छे लोग रहे। इसी सपोर्ट सिस्टम ने मुझे आगे बढ़ाया।" वो कहती हैं, "अब मैदान पर वापस आकर जो सुकून मिला है, उसे मैं जाने नहीं देना चाहती। हर गेंद को एंजॉय कर रही हूं।"
दबाव में गेंदबाजी करना पसंद
पाकिस्तान के खिलाफ श्रेयंका ने पावरप्ले में कसी हुई गेंदबाजी की। 170 रन के स्कोर का बचाव करते हुए उनके 3 ओवर में सिर्फ 17 रन गए। अपनी गेंदबाजी पर श्रेयंका ने कहा, "मुझे हमेशा से पावरप्ले में बॉलिंग करना पसंद है, चाहे राज्य के लिए हो या भारत के लिए। दबाव में गेंदबाजी करने में मजा आता है। यही करना मुझे पसंद है और पहले भी कामयाब रही हूं।"
