मुंबई: भारत के हरफनमौला हार्दिक पंड्या ने रविवार को कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरूआत विशुद्ध बल्लेबाज के तौर पर की थी और कड़ी मेहनत तथा अतिरिक्त प्रयासों से उन्हें कामयाबी मिली। रणजी ट्रॉफी में 2013 में पदार्पण के बाद 2015 में इंडियन प्रीमियर लीग में कदम रखने वाले पांड्या 2024 और 2026 में भारत की टी20 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य रहे।
हार्दिक पांड्या (फोटो क्रेडिट IPL/BCCI)
मुंबई इंडियन्स ने देखी मेरे अंदर की प्रतिभा
बत्तीस बरस के पंड्या ने मुंबई इंडियंस के एक प्रचार कार्यक्रम में कहा ,'मैं विशुद्ध बल्लेबाज था। मुझे बस एक बात पता थी कि अगर मैदान के 12 चक्कर लगाने को कहा गया है तो मैंने 15 लगाये । वहीं पर किसी ने मुझे देखा और एक साल बाद मैने रणजी ट्रॉफी खेला। रणजी खेलने के दौरान मुंबई इंडियंस की प्रतिभा तलाश टीम मुझे देखने नहीं आई थी लेकिन उन्हें यह अहसास हुआ कि मुझमें कुछ खास है। इससे पता चलता है कि मुंबई इंडियंस की प्रतिभा तलाश टीम कितनी जबर्दस्त है और क्या कर सकती है।'
मुझे पता था कि मेहनत कैसे करनी है मेहनत
पांड्या ने कहा,'मुझे बिल्कूल पता नहीं था कि शरीर का ध्यान कैसे रखना है। मुझे पता था कि मेहनत कैसे करनी है। दुनिया ऊपर से नीचे हो जाये लेकिन मेरा भरोसा हमेशा से कड़ी मेहनत में था। मैं युवाओं से हमेशा यही कहता हूं।'
मुंबई के लिए जीते चार खिताब
हार्दिक पांड्या साल 2015 में आईपीएल में मुंबई इंडियन्स के लिए डेब्यू किया। उसके बाद उन्होंने करियर में पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 2016 में उन्हें टीम इंडिया के लिए टी20 वर्ल्ड कप में खेलने का मौका भी मिल गया। पांड्या साल 2015,2017,2019 और 2020 में खिताब जीतने वाली मुंबई इंडियन्स का हिस्सा रहे। इसके बाद वो साल 2022 में गुजरात टाइटन्स से जुड़े गए और लगातार दो बार टीम को फाइनल तक ले गए। साल 2022 में गुजरात ने हार्दिक की कप्तानी में पहले ही सीजन में खिताब जीता और दूसरी बार फाइनल में जीत दर्ज करने से चूक गई। उसके बाद मुंबई ने ट्रेड के जरिए गुजरात से हार्दिक को वापस अपनी टीम में शामिल किया और कप्तानी उनके हाथों में सौंप दी। लगातार तीसरी बार हार्दिक मुंबई की कमान संभालते नजर आएंगे।
