पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह भारत के युवाओं के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज़ को दबाया नहीं जाना चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी में टॉल्स्टॉय मार्ग और जनपथ पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जहां एक्टिविस्ट और छात्र परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की कमियों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
संजय मांजरेकर और सुरेश रैना भी विरोध प्रदर्शन पर बोले (Instagram/AP)
संजय मांजरेकर ने सोशल मिडिया पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं भारत के युवाओं के साथ खड़ा हूं। उन्हें दबाएं नहीं, उन्हें उड़ान भरने दें। वे भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।"
सुरेश रैना ने भी पोस्ट किया
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शनों के बीच शांति और रचनात्मक बातचीत का आह्वान किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा हालात से सोच-समझकर फैसले लिए जाएंगे और छात्रों, शिक्षण संस्थानों व देश के लिए बेहतर अवसर और एक मज़बूत भविष्य का निर्माण होगा।
रैना ने भी X पर एक पोस्ट में लिखा, "हर चुनौती बेहतर समाधान खोजने का एक मौका होती है। उम्मीद है कि मौजूदा हालात से शांति, रचनात्मक बातचीत और सोच-समझकर लिए गए फैसले सामने आएंगे, जिनसे छात्रों, संस्थानों और देश के लिए अवसर और एक मज़बूत भविष्य बनेगा।"
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा कि सरकार शुक्रवार को किसी न्यूट्रल जगह पर बातचीत करने की उनकी मांग मान गई है। उन्होंने अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की बात दोहराई, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा भी शामिल है, जो छात्रों की मुख्य मांगों में से एक है। यह बातचीत कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में होगी। यह घटनाक्रम तब हुआ जब एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म की।
