SA vs AUS: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का पहला दिन नाटकीय भरा रहा। तेज गेंदबाजों ने पहले ही दिन जमकर बवाल काटा नतीजा 14 विकेट गिरे और कुल 255 रन ही बने। कुल मिलाकर पहला दिन तेज गेंदबाजों के नाम रहा। 14 में से 12 विकेट तेज गेंदबाजों ने चटकाए और केवल 2 विकेट स्पिन गेंदबाजों के नाम रहे। केशव महाराज और एडन मार्करम ने 1-1 विकेट चटकाया। लेकिन इन सब के इतर पहला दिन एक खास घटना के कारण हमेशा के लिए यादगार हो गया। 145 साल के टेस्ट इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जिसे दोनों टीम भूल नहीं पाएगी।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (साभार-icc)
145 साल में पहली बार हुआ ऐसा
दरअसल 145 साल के लंबे टेस्ट इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि दोनों टीमों के नंबर वन बल्लेबाज बिना रन बनाए या यूं कहें खाता खोले आउट हो गए। टॉस जीतकर जब साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया तो मार्नस लाबुशेन और उस्मान ख्वाजा के रुप में ओपनिंग जोड़ी मैदान पर उतरी। 7वें ओवर की दूसरी गेंद पर उस्मान ख्वाजा को बेडिंगघम के हाथो कैच कराया। वह आउट होने से पहले 19 गेंद खेल चुके थे, लेकिन 20वें गेंद में बिना खाता खोले आउट हो गए।
ठीक यही हुआ जब साउथ अफ्रीका बल्लेबाजी करने उतरी। 212 रन के जवाब में जब साउथ अफ्रीका ने पारी की शुरुआत की तो उसे एक अच्छे स्टार्ट की जरुरत थी, लेकिन मिचेल स्टार्क ने पहले ही ओवर में एडेन मार्करम को क्लीन बोल्ड कर दिया। मार्करम 6 गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हो गए। 145 साल के टेस्ट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब बैटिंग ऑर्डर के लिहाज से दोनों टीमों का नंबर वन बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हुए। हालांकि, अफ्रीकी टीम के विकेट गिरने का सिलसिला यहीं नहीं रुका और दिन का खेल खत्म होने तक उसने 43 रन के स्कोर पर 4 विकेट खो दिया और अपनी टीम को मजबूत वापसी करा दी।
