स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। महिला एशिया कप में भारत ने जीत के बाद मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद फिर से ट्रॉफी का पुराना विवाद सामने आ गया, जब 2025 में भारतीय मेंस टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। तब नकवी ट्रॉफी लेकर चले गए थे और उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रॉफी चोर कहकर पुकारा जाने लगा।
दुबई में नकवी के खिलाफ लगे नारे। फोटो- AP
हालांकि, जब दुबई में भारतीय महिला टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार दिया तो स्टेडियम में मौजूद भारतीय क्रिकेट फैंस ने ट्रॉफी चोर नकवी के नारे लगाए। पुरस्कार समारोह के बाद जब नकवी स्टेडियम से बाहर निकले रहे थे तब भारतीय फैंस ने 'ट्रॉफी चोर नकवी' के नारे लगाए। इन नारों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
भारत ने किया बहिष्कार
मोहसिन नकवी रविवार को दुबई स्टेडियम में हुए फाइनल मैच में मौजूद थे और अंततः उन्होंने मंच पर आकर श्रीलंका के कप्तान चमारी अटापट्टू को उप-विजेता पुरस्कार राशि प्रदान की। हालांकि, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी की उपस्थिति के कारण भारतीय खिलाड़ियों ने आधिकारिक ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में भाग नहीं लिया। साथ ही पुरस्कार समरोह का भी बहिष्कार किया।
BCCI ने टीम का दिया साथ
अटापट्टू और श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर फरवेज महारूफ के बीच बातचीत के बाद प्रसारण समाप्त हो गया, जिसके बाद नकवी को अन्य एसीसी अधिकारियों के साथ मैदान से बाहर जाते हुए देखा गया। वहीं, बीसीसीआई ने भारतीय महिला टीम का समर्थन करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों की पूरी स्थिति बदल गई है। ऐसे में पाकिस्तान के मुख्य नेता से भारतीय टीम ट्रॉफी नहीं ले सकती है।
हेड कोच ने कहा- बोर्ड का फैसला
वहीं, भारतीय विमेंस टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि बड़े बोर्ड पर टीम इंडिया को चैंपियन घोषित किया जाना ही काफी था। ट्रॉफी न लेने के पीछे की वजह को बताते हुए मजूमदार ने कहा कि यह फैसला BCCI ने लिया है और हम इसके साथ खड़े हैं।
