IND vs AFG T20 Series: श्रीलंका दौरे के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की अगली सीरीज तय हो चुकी है। टीम इंडिया और अफगानिस्तान के बीच 3 टी20 मैचों की सीरीज खेली जानी है। तीनों मैच भारतीय राजधानी दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में 13, 15 और 17 सितंबर को खेले जाएंगे। ये मैच दोनों टीमों के आइची-नागोया में 2026 एशियन गेम्स खेलने के लिए जापान रवाना होने से ठीक पहले होंगे। दिलचस्प बात यह है कि दोनों टीमों ने 2023 के एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला किया था। अब यहां एक अनोखी स्थिति बन गई है, क्योंकि बेशक ये सीरीज भारत में हो रही है, लेकिन फिर भी मेजबान देश भारत नहीं, बल्कि अफगानिस्तान होगा।
भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज में घर पर मेहमान क्यों होगी टीम इंडिया? (AI Generated Image)
भारतीय क्रिकेट टीम अपने ही देश में खेलते हुए भी 'अवे टीम' (मेहमान टीम) के तौर पर खेलेगी। वहीं, मैच भारत में होने के बावजूद अफगानिस्तान मेजबान होगा और इस सीरीज का मेजबान देश होगा। आखिर ऐसा क्यों हुआ है और इसके होने से क्या बदलाव होंगे या फिर क्या फर्क पड़ेगा। आइए सब कुछ जानते हैं।
घर में टीम इंडिया होगी मेहमान, क्या फर्क पड़ेगा?
इस भारत-अफगानिस्तान टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दौरान दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम भारतीय फैंस से भरा होगा क्योंकि मैच भारतीय जमीन पर हो रहा है, लेकिन 'होम टीम' और 'अवे टीम' होने का असर मुख्य रूप से प्रशासनिक मामलों पर पड़ेगा। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में अफगान शरणार्थी रहते हैं, जो लाजपत नगर इलाके के आसपास रहते हैं, जिसे 'मिनी काबुल' भी कहा जाता है।
किसको मिलेगी टिकट से होने वाली कमाई?
अब ऐसे में सवाल ये भी होगा कि आखिर टिकटों से होने वाली कमाई किसके खाते में जाएगी, क्योंकि आमतौर पर मेजबान देश ही टिकटों की कमाई अपने पास रखता है। जवाब ये है कि, मेजबान होने के नाते टिकटों से होने वाली कमाई अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) को मिलेगी और BCCI को इसमें से कोई हिस्सा नहीं मिलेगा। साथ ही, मैचों का प्रसारण ACB के मीडिया राइट्स पार्टनर करेंगे, ना कि वे जिनके पास BCCI के अधिकार हैं और जो आम तौर पर भारतीय क्रिकेट टीम के घरेलू मैच दिखाते हैं। इसी तरह, अफगानिस्तान में खेल की गवर्निंग बॉडी सीरीज के सभी प्रायोजकों (जिनमें टाइटल स्पॉन्सर भी शामिल हैं) से पैसे कमाएगी।
अफगानिस्तानी टीम का एक और घर
गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों से अफगानिस्तान क्रिकेट टीम अपने देश में घरेलू अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलता है। इसलिए, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने संयुक्त अरब अमीरात को अपना मुख्य घरेलू बेस बनाया है और साथ ही भारत में भी कुछ घरेलू मैच खेले हैं। इससे पहले, उन्होंने ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम और देहरादून के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दूसरी टीमों की मेजबानी की है।
गणेश चतुर्थी की वजह से तारीखों को लेकर असमंजस बरकरार
सीरीज के पहले-दूसरे मैच की तारीख में बदलाव हो सकता है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की मानें तो उन्होंने बीसीसीआई के सामने पेशकश रखी है कि पहले या दूसरे मुकाबले को 14 सितंबर में शिफ्ट किया जाए, जिससे इस सीरीज को फेस्टिवल टच दिया जा सके। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला आना बाकी है। 14 सितंबर को देश भर में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाना है।
बांग्लादेश की टीम को लगा है सबसे करारा झटका
अफगानिस्तान क्रिकेट द्वारा जारी किए गए तारीखों के बाद टीम इंडिया के बांग्लादेश दौरे की संभावना भी अब पूरी तरह से खत्म हो गई है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 1 से 13 सितंबर के बीच 6 व्हाइट बॉल मैच के लिए वि़ंडो खाली रखा है, जबकि अफगानिस्तान ने जो तारीख बताई है, उसके अनुसार पहला मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाना है, जिससे साबित होता है कि अब बांग्लादेश का दौरा मुश्किल है। इस दौरे को लेकर दोनों देशों के बीच काफी प्रयास किए गए थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ चुनौती आसान नहीं होगी
वैसे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए पिछले कुछ महीनें खास नहीं रहे हैं, ऊपर से अफगानिस्तान की टीम इस समय लय में नजर आ रही है। अफगानिस्तान ने हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करके शानदार जीत दर्ज की है। उसी आयरलैंड के खिलाफ जिससे कुछ ही महीने पहले भारतीय टी20 टीम सीरीज हारकर लौटी थी।
