Why Dasun Shanaka Was Not Given Runout? एशिया कप 2025 के भारत बनाम श्रीलंका मुकाबले में दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए सुपर ओवर के दौरान बड़ा विवाद देखने को मिला। श्रीलंकाई कप्तान दासुन शनाका को उस समय नॉट आउट करार दिया गया जब वह स्पष्ट रूप से क्रीज़ से बाहर थे और विकेटकीपर संजू सैमसन ने अर्शदीप सिंह की गेंद पर स्टंप्स उड़ा दिए। भारतीय खिलाड़ी हैरान रह गए और उन्होंने अंपायर से लंबे समय तक बातचीत की। हालांकि शनाका अगली गेंद पर आउट हो गए, लेकिन इस फैसले से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और हर किसी के मन में ये शंका है कि आखिर उन्हें रनआउट क्यों नहीं करार किया गया। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह
दासुन शनाका रनआउट (फोटो- Screngrab/AP)
क्यों दिया गया 'नॉट आउट'?
घटना के दौरान अर्शदीप सिंह ने कैच-बिहाइंड की अपील भी की थी। जैसे ही संजू सैमसन ने विकेट गिराए, ऑन-फील्ड अंपायर ने उंगली उठा दी। शनाका ने तुरंत रिव्यू ले लिया। रिप्ले में साफ हुआ कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी थी। इसके बाद आउट का फैसला पलट गया। यहां सभी को उम्मीद थी कि अब शनाका को रन-आउट करार दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उन्हें क्रीज़ पर रहने की अनुमति दे दी गई।
‘डेड बॉल’ का नियम बना वजह
इस पूरे विवाद की असली वजह 'डेड बॉल' का नियम रहा। दरअसल, जब अंपायर ने शनाका को कैच-बिहाइंड आउट दिया, उसी समय गेंद को ‘डेड बॉल’ मान लिया गया। एमसीसी के नियम 20.1.1.13 के मुताबिक जब भी कोई बल्लेबाज आउट करार दिया जाता है, तो गेंद उसी क्षण से डेड मान ली जाती है। यानी, उसके बाद हुई किसी भी घटना को मान्यता नहीं मिलती। यही कारण था कि रन-आउट वैध नहीं माना गया।
नियम क्या कहते हैं?
एमसीसी के लॉ 20.1 इन परिस्थितियों में गेंद डेड माना जाएगी अगर -
- 20.1.1.1: जब गेंद विकेटकीपर या गेंदबाज के हाथों में सुरक्षित हो जाती है।
- 20.1.1.2: जब बाउंड्री लगती है।
- 20.1.1.3: जब बल्लेबाज आउट करार दिया जाता है। गेंद उसी क्षण से डेड हो जाती है।
- 20.1.1.4: जब गेंद बल्लेबाज के कपड़ों या उपकरण में फंस जाती है।
- 20.1.1.5: जब गेंद अंपायर के कपड़ों में फंस जाती है।
- 20.1.1.6 और 20.1.1.7: जब फील्डिंग साइड द्वारा हेलमेट या अन्य नियमों का उल्लंघन होता है।
- 20.1.1.8: जब मैच अपने निष्कर्ष पर पहुंचता है।
भारतीय टीम क्यों हुई नाराज़?
भारतीय खिलाड़ियों का मानना था कि चूंकि शनाका स्पष्ट रूप से क्रीज़ से बाहर थे, इसलिए उन्हें रन-आउट दिया जाना चाहिए था। लेकिन अंपायर की तकनीकी बारीकी और डेड बॉल नियम की वजह से वह आउट नहीं दिए जा सके। खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई।
नतीजे पर असर नहीं, लेकिन सवाल कायम
हालांकि शनाका अगली ही गेंद पर आउट हो गए और मैच के नतीजे पर इस विवाद का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा, लेकिन सवाल यही बना रहा कि क्या नियमों की सख्ती क्रिकेट की निष्पक्षता से ज्यादा अहम हो सकती है। यह घटना लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी।
