IPL 2024 Playoffs, RCB vs CSK Qualification Scenario: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2024) में जब शनिवार को बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) और चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के बीच टूर्नामेंट का सबसे बड़ा महामुकाबला खेला जाएगा तब करोड़ों क्रिकेट फैंस की नजरें इस मैच पर होंगी। टूर्नामेंट की शुरुआत इन्हीं दो टीमों की टक्कर से हुई थी जहां चेन्नई ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार मुकाबला आखिरी है, प्लेऑफ की रेस में एक आखिरी लड़ाई। जो जीता, वो प्लेऑफ में पहुंचेगा, जो हारा वो बाहर हो जाएगा। ऐसे में जब गणित के तमाम पेंच व सवाल जारी है, ऐसे ही एक पेंच ये भी है कि अगर बैंगलोर ये मैच जीत भी गया, तब भी वो बाहर हो जाएगी और चेन्नई प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। ऐसा कैसे होगा, आइए जानते हैं।
बैंगलोर बनाम चेन्नई आईपीएल 2024 मैच (BCCI/IPL)
चेन्नई सुपर किंग्स इस समय अंक तालिका में 14 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। उसका नेट रन रेट भी +0.528 है। वहीं दूसरी तरफ है रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम जिसने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10वें पायदान से छलांग लगाते हुए लगातार 5 मैच जीतने के बाद छठे स्थान पर कब्जा जमाया है। उनके 12 अंक हैं और उनका नेट रन रेट (+0.387) भी सीएसके से ज्यादा पीछे नहीं है। अगर चेन्नई जीत गई तो वो सीधे तौर पर प्लेऑफ में 16 अंकों के साथ पहुंच जाएगी, लेकिन अगर बैंगलोर की टीम जीत भी गई और उसके 14 अंक हो गए (जो चेन्नई के बराबर हैं), उसके बावजूद उनका नेट रन रेट चेन्नई से बेहतर होना चाहिए।
क्या है पूरी गणित (RCB vs CSK Equations)
अगर प्लेऑफ में जाना है तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को इस मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को कम से कम 18 रन से हराना होगा, अगर वे पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 रन का आंकड़ा पार सकते हैं। अगर बैंगलोर की टीम 17 या उससे कम रन से जीतती है, तो ऐसे में बेशक उनको जीत मिल जाएगी और अंक भी 14 हो जाएंगे लेकिन नेट रन रेट की रेस में वे चेन्नई से पिछड़ जाएंगे।
अगर बैंगलोर बाद में बल्लेबाजी करे
मैच में अगर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर लक्ष्य का पीछा करने उतरती है और उन्हें 201 या उससे ऊपर का लक्ष्य हासिल करना है, तो उन्हें 11 गेंदें बाकी रहते मुकाबला जीतना ही होगा। इसीलिए गणित चेन्नई सुपर किंग्स के लिए तो ज्यादा मुश्किल नहीं है लेकिन आरसीबी के लिए बेहद पेचीदा है क्योंकि जीतकर भी प्लेऑफ में जाने का दुख भुलाना मुश्किल होने वाला है।
